पटना(राघवेन्द्र सिंह)।

साइबर ठगों द्वारा आम लोगों की कौन कहे,खास लोगों को भी निशाना बनाया जाने लगा है।ताजा मामला बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी से जुड़ा है।साइबर ठगों ने पूरी रणनीति के तहत मुख्य सचिव को चूना लगाने की ठान ली थी।उनके अकाउंट में सेंध लगाते हुए नब्बे हजार रुपए उड़ा भी लिए थे।हालांकि आमिर सुबहानी का सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ईओयू की टीम ने जालसाज को दबोच लिया।वैसे मुख्य सचिव के अकाउंट से नब्बे हजार रुपये निकाल लिए गए थे।शुक्र है कि,अविलंब सचेत हुए उन्होंने इसकी सूचना ईओयू को दे दी।नतीजतन जालसाज रुपये की निकासी करने में सफल नहीं हो सका।ऐसा इसलिए कि,नब्बे हजार रुपये को बैंक खाते में ब्लॉक कर दिया था।मामले की गंभीरता को समझते हुए आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने साइबर अपराधी को दबोच लिया।फ्रॉड के गिरफ्त में आने के बाद उसके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज हो गई है।अधिकारियों के बीच इस बात की चर्चा है कि,बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी के साथ आखिर कैसे धोखाधड़ी की गई।वैसे चर्चा यह भी कि,ठगी के अन्य मामलों में इस तरह की तत्परता दिखाई जाय,तो बहुत लोग साइबर ठगी का शिकार होने से बच सकते है।जानकारों का कहना है कि,लगभग प्रत्येक दिन कोई न कोई साइबर ठगी का शिकार जरुर होते हैं।लेकिन जितनी तत्परता मुख्य सचिव आमिर सुबहानी के मामले में दिखाई गई,उस तरह की तत्परता कभी नजर नहीं आती।आमिर सुबहानी के मामले में इसलिए भी ईओयू ने त्वरित कार्रवाई की,क्योंकि यह मामला बिहार के एक बड़े अधिकारी से जुड़ा था।