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एसडीएफ न्यूज ब्यूरो, खगड़िया

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जिले के मानसी प्रखंड अंतर्गत अमनी गांव स्थित जटाधार मिश्रा प्राथमिक विद्यालय में सीढ़ी गिरने से छात्रा की मौत की दुखद घटना के बाद सदर विधायक बबलू कुमार मंडल द्वारा उठाया गया मुद्दा अब व्यापक स्तर पर सरकार की कार्रवाई का आधार बना है।विधायक ने घटना के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों के भवनों की सुरक्षा जांच कराने की मांग की थी।विधायक की इस मांग को सरकार ने गंभीरता से लेते हुए पूरे बिहार में स्कूल भवनों के सोशल ऑडिट की प्रक्रिया शुरू कर दी है।विधायक बबलू कुमार मंडल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार जताया है।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उनकी मांग को स्वीकार करते हुए पूरे राज्य के विद्यालय भवनों की स्थिति का आकलन कराने का निर्णय बच्चों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

छात्रा की मौत के बाद उठाया था मुद्दा

अमनी गांव स्थित जटाधार मिश्रा प्राथमिक विद्यालय में सीढ़ी गिरने से छात्रा की मौत की घटना ने विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।घटना के बाद विधायक बबलू मंडल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था।पत्र में विधायक ने कहा था कि किसी भी विद्यालय में जर्जर अथवा कमजोर भवन बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।इसलिए केवल किसी एक विद्यालय की जांच तक सीमित रहने के बजाय पूरे बिहार के सरकारी विद्यालयों के भवनों की व्यापक जांच आवश्यक है।

जर्जर भवन तोड़कर नए निर्माण की मांग

विधायक ने मुख्यमंत्री से मांग की थी कि जांच के दौरान जिन विद्यालय भवनों को पूरी तरह जर्जर और असुरक्षित पाया जाए, उन्हें आवश्यक प्रक्रिया के तहत ध्वस्त कर नए भवन का निर्माण कराया जाए।वहीं,जिन भवनों में मरम्मत के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है,वहां तत्काल मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का कार्य कराया जाए।उन्होंने विद्यालयों की छत,सीढ़ी,दीवार,कमरे,बरामदे सहित भवन के सभी महत्वपूर्ण हिस्सों की तकनीकी जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया था,ताकि किसी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।

पूरे बिहार में शुरू हुआ सोशल ऑडिट

विधायक की मांग पर सरकार द्वारा पूरे बिहार में स्कूल भवनों के सोशल ऑडिट की प्रक्रिया शुरू किए जाने को महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।इसके माध्यम से विद्यालय भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर असुरक्षित एवं जर्जर भवनों को चिह्नित किया जा सकेगा।इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल भवनों की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार करना नहीं, बल्कि जरूरत के अनुसार मरम्मत, जीर्णोद्धार अथवा नए भवन निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई करना भी है।इससे राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

विधायक बबलू कुमार मंडल ने कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का केंद्र हैं और वहां उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित खतरे की पहले से पहचान कर उसका समाधान करना अधिक जरूरी है।उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा,“मेरी मांग को स्वीकार कर पूरे बिहार के स्कूल भवनों का सोशल ऑडिट शुरू कराने के लिए मैं मुख्यमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।यह पहल केवल एक विद्यालय या एक जिले तक सीमित नहीं है,बल्कि पूरे बिहार के बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी है।”उन्होंने उम्मीद जताई कि सोशल ऑडिट के बाद चिन्हित किए जाने वाले जर्जर और असुरक्षित विद्यालय भवनों पर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई होगी तथा जहां नए भवन की जरूरत है, वहां निर्माण और जहां मरम्मत से काम चल सकता है,वहां तत्काल मरम्मत कराई जाएगी।

अमनी की घटना से निकला राज्यव्यापी सुरक्षा का मुद्दा

अमनी के जटाधार मिश्रा प्राथमिक विद्यालय की घटना दुखद रही,लेकिन उसके बाद उठी मांग अब पूरे बिहार के विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।विधायक की पहल से शुरू हुए इस व्यापक अभियान से उम्मीद है कि विद्यालय भवनों में मौजूद सुरक्षा संबंधी खामियों को समय रहते दूर किया जा सकेगा और भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा।