राजेश सिन्हा की रिपोर्ट

खगड़िया जिले के परबत्ता विधायक डॉक्टर संजीब कुमार की तमाम करतूतों को जब तक मैं पूरी तरह से उजागर नहीं कर दूंगा,तब तक शांत नहीं बैठूंगा।दागी परबत्ता विधायक और उनके गुर्गों के खिलाफ कार्रवाई होगी,अथवा नहीं! यह तो शासक-प्रशासक ही जानें।लेकिन एक वाक्या याद आया तो मैंने लिखना मुनासिब समझा। दरअसल,बीते दिनों क्षेत्र भ्रमण के दौरान परबत्ता विधानसभा अंतर्गत पसराहा में एएनएम नर्सिंग स्कूल सह छात्रावास के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण स्थानीय सांसद महबूब अली कैशर ने किया था।निरीक्षण के क्रम में सांसद चौघरी महबूब अली कैसर निर्माणाधीन भवन की जर्जर स्थिति देखते ही आग बबूला हो उठे थे और तत्काल उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बात कर निम्न गुणवत्ता का मामला उठाया था।उसी क्रम में खगड़िया सांसद के निजी सचिव ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा था कि सांसद द्वारा इस विषय से मुख्यमंत्री,मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव निगरानी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं प्रबंध निदेशक बीएमएसआईसीएल के संज्ञान में लाया गया है।उन्होंने यह भी कहा था कि सांसद ने अपने पत्र में लिखा है कि, घोर आश्चर्य का विषय है कि,जो भवन अभी बन कर पूरी तरह तैयार भी नही हुआ है,उसकी सभी छतों से रिसाव हो रहा है।भवन का सारा स्ट्रक्चर कमजोर हो रहा है।सांसद ने यह भी लिखा कि संवेदक और अभियंता की मिलीभगत से ही इतनी घटिया गुणवत्ता का काम हो रहा है।हद तो यह भी है कि,भुगतान भी हो रहा है।सांसद ने स्पष्ट रुप से कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के" भ्रष्टाचार के लिए जीरो टॉलरेंस"की नीति को आघात पहुंचाने का कुत्सित प्रयास करने वाले हर व्यक्ति को अपने अपराध का खामियाजा भुगतना होगा।सांसद के मुताबिक ,मेरे रहते खगड़िया में हो रहे विकास कार्यों में लूट की छूट नही होगी।सांसद के निजी सचिव ने बताया था कि सांसद ने सभी संबंधितों से मिलकर पत्र और सारी जानकारी शेयर कर दी है।शीघ्र ही एक और मुख्य अभियंता स्तर के पदाधिकारी के नेतृत्व में जहां बीएमएसआईसीएल द्वारा जांच कराई जाएगी, वहीं निगरानी विभाग द्वारा भी टेक्निकल विजिलेंस की टीम मामले की जांच करेगी।एमपी के निजी सचिव के अनुसार घटिया निर्माण कार्य करने वाले संवेदक,इंजीनियर और पदाधिकारी,चाहे जो भी हों,इस सरकारी राशि के लूट में सम्मलित पाए जाएंगे, उनको किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।सरकारी राशि की वसूली भी होगी और सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी भी दर्ज होगी।

बता दें कि सांसद ने अपने पत्र के साथ निरीक्षण के वक्त लिए गए फोटोग्राफ भी संलग्न करके भेजा है।क्षेत्र में चर्चा व्याप्त है कि गोगरी अनुमंडल अस्पताल के निर्माण में हो रही गड़बड़ी तथा वहां से संवेदक द्वारा मिलीभगत कर के पुराने भवन के अवशेष सामग्री जो कि,लाखो की थी, के गायब होने की भी भनक सांसद को लग चुकी है और उससे संबंधितों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है।बहरहाल,देखना दिलचस्प होगा कि समाज में वैमस्यता पैदा कर अपनी राजनीतिक फिजां तैयार करते आ रहे विधायक जनाब-ए-अली को कब तक लाज लगती है???