खगड़िया
आखिर कब तक होता रहेगा शराब के साथ-साथ स्मैक व गांजे का कारोबार और युवावर्ग होता रहेगा बर्बाद!स्मैक मार्केटिंग का नया फंडा:पांच युवाओं को लाओ और तुम फ्री में स्मैक पाओ,किया विरोध तो
राजेश सिन्हा की रिपोर्ट पूर्ण शराबबंदी के बाद भी बिहार में कब तक शराब का कारोबार होता रहेगा,यह तो शासक-प्रशासक ही जानें!लेकिन यह कहने में कहीं संकोच नहीं है कि शराब बंदी के बाद भी बिहार में न केवल शराब का धंधा काफी फल फूल रहा है,बल्कि स्मैक के साथ-साथ गांजे का भी व्यापार चरम पर है।यहां तक कि कफ सीरप और नशीली दवाओं के धंधा की चमक भी खूब दिख रही है।अन्य जिलों




लेकिन धंधे से जुड़ी बड़ी मछलियों का शिकार नहीं हो पाने के कारण छोटे कारोबारी जेल से बाहर निकलते ही नशे के कारोबार में लग जाते हैं।
स्थिति का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद भी शराब के कारोबार पर ग्रहण तो नहीं ही लग सका, स्मैक के गिरफ्त में आम शराबियों के साथ-साथ युवा वर्ग भी डूबता चला जा रहा है।स्थिति यह है कि स्मैकरों ने स्मैक बेचने का नया तरीका भी इजाद कर लिया है।स्मैकरों द्वारा पहले युवाओं को मुफ्त में स्मैक देकर उसका आदती बनाया जाता है,फिर बाद में जब युवाओं को स्मैक की लत लग जाती है,तो कहा जाता है कि पांच बंदे को लाओ,तुम्हें फ्री मिलेगा स्मैक।अब स्मैक पीने के लती हो चुके युवा पांच लड़कों को लाते है और उन्हें फ्री में स्मैक उपलब्ध करा दिया जाता है।इस तरह स्मैक तस्करों के लिए बाजार बड़ा हो जाता है। 
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