खगड़िया(इरशाद अली)।
जिले के गोगरी अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत गोगरी-नारायणपुर बांध पर दबंगों द्वारा कई वर्षों से अतिक्रमण किया जा रहा है।बावजूद इसके गोगरी प्रशासन मौन साधे हुए है।जबकि इस संदर्भ में कई बार पदाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।संबंधित पदाधिकारियों के कान पर आखिर जूं क्यों नहीं रेंग रहा है,यह तो शासक-प्रशासक ही जाने।लेकिन इलाके में तरह-तरह की चर्चा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि,जिस जीएन बांध को सैकड़ों वर्ष पूर्व बनाया गया था,उसके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।यह बांध बाढ़ से बचाव के लिए बनाया गया था।लेकिन स्थिति यह है कि,लोगों द्वारा न केवल बांध पर कब्जा जमा लिया गया है,बल्कि बांध की मिट्टी काट-काटकर अपना घर-आंगन भरा जा रहा है।बताया जा रहा है कि,दबंगों द्वारा कुंडी,बन्नी,गोगरी शिव मंदिर के निकट और रामपुर में बांध की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया है।
इतना ही नहीं,बांध की मिट्टी काट कर दो मंजिला और तीन मंजिला मकान के निचले हिस्से में भरा जा रहा है।आस-पास दुकान भी बनाया जा रहा है।प्रशासनिक पदाधिकारी दबंगों की करतूत पर रोक लगाने में बिल्कुल नाकाम साबित हो रहे हैं।जिससे दबंगों का मनोबल दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है।हालात ऐसा पैदा कर दिया गया है कि,अतिक्रमण के कारण लोगों को आने जाने में बहुत ही कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान दिया गया तो बांध को अतिक्रमण मुक्त किया जा सकता है
खगड़िया
जीएन बांध पर दबंगों द्वारा किया जा रहा अतिक्रमण, मिट्टी काट-काटकर भरा जा रहा घर-आंगन,प्रशासन बेखबर
खगड़िया(इरशाद अली)। जिले के गोगरी अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत गोगरी-नारायणपुर बांध पर दबंगों द्वारा कई वर्षों से अतिक्रमण किया जा रहा है।बावजूद इसके गोगरी प्रशासन मौन साधे हुए है।जबकि इस संदर्भ में कई बार पदाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।संबंधित पदाधिकारियों के कान पर आखिर जूं क्यों नहीं रेंग रहा है,यह तो शासक-प्रशासक ही जाने।लेकिन इलाके में तरह-तरह की चर्चा


जिले के गोगरी अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत गोगरी-नारायणपुर बांध पर दबंगों द्वारा कई वर्षों से अतिक्रमण किया जा रहा है।बावजूद इसके गोगरी प्रशासन मौन साधे हुए है।जबकि इस संदर्भ में कई बार पदाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।संबंधित पदाधिकारियों के कान पर आखिर जूं क्यों नहीं रेंग रहा है,यह तो शासक-प्रशासक ही जाने।लेकिन इलाके में तरह-तरह की चर्चा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि,जिस जीएन बांध को सैकड़ों वर्ष पूर्व बनाया गया था,उसके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।यह बांध बाढ़ से बचाव के लिए बनाया गया था।लेकिन स्थिति यह है कि,लोगों द्वारा न केवल बांध पर कब्जा जमा लिया गया है,बल्कि बांध की मिट्टी काट-काटकर अपना घर-आंगन भरा जा रहा है।बताया जा रहा है कि,दबंगों द्वारा कुंडी,बन्नी,गोगरी शिव मंदिर के निकट और रामपुर में बांध की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान दिया गया तो बांध को अतिक्रमण मुक्त किया जा सकता है
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