राजेश सिन्हा की रिपोर्ट

मोदी सरकार का बजट महज चुनावी बजट था।उक्त बातें जिला ओलपंकिक हॉकी खगड़िया के सचिव विकाश कुमार ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। जिला ओलिंपिक हॉकी एसोसिएशन के जिला सचिव विकाश कुमार ने कहा है कि सिर्फ उन राज्यों के लिए यह बजट है,जहां निकट भविष्य में चुनाव होना है। ==================== उन्होंने कहा कि 2 घंटे के बजट में उन राज्यो के बारे में ही ज्यादा सुनने को मिला, जहां विस चुनाव होना है। उन्होंने कहा कि असम, तमिलनाडु,बंगाल तथा कश्मीर पर ज्यादा ध्यान दिया जाना इस बात का जीता जागता प्रमाण है कि पूरे देश वासियों के लिए नहीं,अपितु उन राज्यों के मतदाताओं को लुभाने के लिए बजट जारी किया गया है,जहां अविलंब चुनाव होना है।श्री कुमार के मुताबिक बंगाल का चाय बागान हो या असम का,उसके लिए विशेष प्रावधान जारी कर एक विशेष वर्ग के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की गई है।हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि यह बात और है कि शिक्षा पर व्यापक ध्यान दिया गया है।श्री कुमार के मुताबिक 100 सैनिक स्कूल खोले जाने की घोषणा सराहनीय कदम है।इतना ही नहीं,750 एकलव्य बुनियादी शिक्षा केन्द्र भी खोले जाने की घोषणा की गई है,जिसकी सर्वत्र चर्चा हो रही है।कह सकते हैं कि उच्च शिक्षा पर व्यापक ध्यान देकर मोदी सरकार ने अपना इरादा जाहिर कर दिया है।श्री कुमार ने आक्रोशित लहजे में कहा कि जारी किया गया बजट खेल और खिलाड़ियो को आसमान से सीधे नीचे गिराने वाला बजट है।मोदी सरकार की महत्वपूर्ण योजना 'खेलो इंडिया'के साथ धोखा किया गया है।मोदी सरकार के महवपूर्ण बजट 2019-20 में वास्तविक तौर पर व्यापक तौर पर कटौती की गई है।उन्होंने कहा कि पिछले साल खेल के क्षेत्र में 576 करोड़ का बजट था,जबकि अनुमानित बजट 890 करोड़ था।वर्तमान में 329 करोड़ की कटौती की गई तथा अनुमानित बजट 658 करोड़ कर दिया गया है।यह तो खेल और खिलाड़ियों को मायूस करने वाला ही बजट है।उनके आकलन के अनुसार खेल व खिलाड़ियों के साथ-,साथ देश को गुमराह करने वाला यह बजट है।। =========================