खगड़िया(इरशाद अली)।

जिले के गोगरी थाना अंतर्गत रजिस्ट्री चौक स्थित कुछ दुकानदारों द्वारा फोटो स्टेट के आड़ में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने का मामला सामने आने के बाद से सनसनी मच गई है।फर्जी जन्म पत्र बनाने में रेफरल अस्पताल के डाटा ऑपरेटर राजेश कुमार शर्मा का नाम सामने आने के बाद से विभागीय लोगों द्वारा मामले को रफा-दफा करने की कोशिश शुरु हो गई है।इस फर्जीवाड़े के मामले में विधिसम्मत कार्रवाई होगी या मामले को जमींदोज कर दिया जाएगा,यह तो देखने वाली बात होगी।लेकिन जो तथ्य उभरकर सामने आ रहा है, उसके मुताबिक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर बालिग को नाबालिग और नाबालिग को बालिग बनाने का खेल चरम पर है।इस मामले का खुलासा तब हुआ,जब देवठा पंचायत का एक प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला सामने आया।हालांकि प्रेम प्रसंग में शादी का मामला फिलवक्त गोगरी डीएसपी के पास है।इस मामले का फलाफल क्या होगा,इस पर सबकी नजर इसलिए है, क्योंकि लड़की के पिता द्वारा लड़की को नाबालिग बताया गया था,जबकि लड़की के ससुर द्वारा लड़की को बालिग बताया गया था।लेकिन जिस आधार पर लड़की को बालिग और नाबालिग करार दिए जाने की कोशिश की जा रही थी,दरअसल में वह दोनों जन्म प्रमाण पत्र फर्जी निकला।

इतना ही नहीं,फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले के तौर पर गोगरी रेफरल अस्पताल के ऑपरेटर राजेश कुमार शर्मा का चेहरा सामने आया।बीडीओ राजाराम पंडित ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डाटा ऑपरेटर सहित दो दुकानदारों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए थाना में आवेदन दिया है।बात इतनी ही नहीं है,बातें और भी है।दो दिन पहले झिकटिया की एक विकास मित्र नंदनी भारती अपनी पुत्री का आधार कार्ड बनवाने रजिस्ट्री चौक पर पहुंची थी।उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र बनाने के एवज में दुकानदार को पांच सौ रुपये दिए थे।

लेकिन दुकानदार द्वारा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाकर दे दिया था।जब मामले का भांडा फूटा,तो प्रखंड विकास पदाधिकारी राजाराम पंडित द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के मामले में रजिस्ट्री मोड़ पर दुकानदारी कर रहे रणवीर कुमार एवं मनोज कुमार नामक दुकानदारों को भी संलिप्त पाते हुए डाटा ऑपरेटर के विरुद्ध थाना में आवेदन दिया है।पूरे मामले पर बीडीओ ने कहा कि,फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वालों को सोच समझकर कदम उठाना चाहिए।क्योकि इससे उनकी जिंदगी बर्बाद हो सकती है।बहरहाल,देखना दिलचस्प होगा कि आगे-आगे होता है क्या!