खगड़िया(ज्योति कुमारी)।

मध्याह्न भोजन में पिल्लू मिलने की शिकायत लेकर चौथम थाना पहुंचे मासूम बच्चों की समस्याएं दूर होगी अथवा नहीं,यह कहना फिलवक्त इसलिए मुश्किल है, क्योंकि खगड़िया का शिक्षा विभाग व्यवस्था में चार चांद लगाने की बात तो दूर, व्यवस्था सुधारने के प्रति भी शायद गंभीर नहीं है।बात अलग है कि खगड़िया के नूर-ए-नजीर कहे जाने वाले जिलाधिकारी डॉक्टर आलोक रंजन घोष व्यवस्था में चार चांद लगाने के बावत सदैव तत्पर रहते हैं।खैर!बात अगर चौथम प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित टोला नवादा की करें,तो दर्जनों बच्चें मध्याह्न भोजन में पिल्लू मिलने की शिकायत को लेकर थाना पहुंच गए।थानेदार से अपनी-अपनी व्यथा सुना रहे बच्चों ने विद्यालय में परोसे गए मध्याह्न भोजन को भी दिखाया दिखाए गए भोजन को देखकर साफ कहा जा सकता था कि, वह खाने लायक तो कतई नहीं था।

विधायक कुमार,अजूबा कुमार,प्रीतम कुमार,अंजेश कुमार,अमरजीत कुमार सहित अन्य मासूम बच्चों का कहना था कि,उन लोगों ने इसकी शिकायत बीआरसी में बीइओ से भी की,लेकिन महज आश्वासन ही मिला है।बच्चों ने मध्याह्न भोजन खाने के बाद उल्टी होने की भी बात बताई है।दर्जनों बच्चों का आरोप था कि,विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक सपना कश्यप कभी विद्यालय आती ही नहीं हैं।इतना ही नहीं,कई वर्षों से विद्यालय निजी मकान में चलाया जा रहा है।जबकि सरकारी आदेशानुसार विद्यालय का संचालन समुदायिक भवन पासवान टोला में किया जाना है।

हालांकि बच्चों का कहना था कि,सहायक शिक्षिका सुषमा भारती,रेणू देवी,कंचन भारती आदि रोज विद्यालय आती हैं।लेकिन प्रधानाध्यापक सपना कश्यप कभी विद्यालय नहीं आती हैं।अब सवाल है कि, जब प्रभारी प्रधानाध्यापिका विद्यालय आती है नहीं हैं,तो फिर विद्यालय आखिर चल कैसे रहा है।प्रभारी प्रधानाध्यापक के नही आने की पुष्टि पोषक क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने भी की है।इधर, बीइओ अरविंद कुमार ने कहा कि,मध्याह्न भोजन में पिल्लू मिलने की शिकायत के आलावा कई शिकायतें प्राप्त हुई है।जांच कर कार्रवाई की जाएगी।