खगड़िया विधानसभा क्षेत्र के विकास और बाढ़ एवं जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर विधायक बबलू कुमार मंडल ने जल संसाधन विभाग के समक्ष दो महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं।विधायक ने बिहार सरकार के उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी को अलग- अलग दो पत्र भेजकर बूढ़ी गंडक नदी के तटबंधों पर पक्की सड़क निर्माण तथा कराची-बदलाघाट तटबंध के बीच गंभीर जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक संरचनाओं के निर्माण की मांग की है।
7,500 एकड़ कृषि भूमि जलजमाव से प्रभावित
विधायक बबलू कुमार मंडल ने अपने पत्र में बताया है कि खगड़िया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कराची- बदलाघाट तटबंध के किमी 29.00 से 35.00 के बीच लंबे समय से भीषण जलजमाव की समस्या बनी हुई है।इस जलजमाव के कारण लगभग 7,500 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित होती है।उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जलजमाव के कारण किसानों को प्रत्येक वर्ष भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।कृषि भूमि पर लंबे समय तक पानी जमा रहने से खेती प्रभावित होती है तथा किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।विधायक ने जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए उक्त तटबंध खंड में तीन एंटी फ्लड स्लूइस गेट के निर्माण को अत्यंत आवश्यक बताया है।
6.41 करोड़ रुपये की योजना विभाग को भेजी गई
पत्र में विधायक ने उल्लेख किया है कि प्रस्तावित स्लूइस गेट के निर्माण को लेकर डिजाइन एवं ड्राइंग पर विभागीय स्वीकृति की प्रक्रिया के लिए संबंधित तकनीकी सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी है।इसके लिए लगभग 6 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत का कार्य प्रस्ताव तैयार कर विभाग को अग्रेतर कार्रवाई के लिए भेजा गया है।विधायक ने विभागीय मंत्री से आग्रह किया है कि योजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करते हुए निर्माण कार्य की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि हजारों एकड़ कृषि भूमि को जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग
विधायक बबलू मंडल ने कहा कि केवल अस्थायी रूप से पानी निकालने के बजाय क्षेत्र में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित किया जाना आवश्यक है।एंटी फ्लड स्लूइस गेट के निर्माण से जलनिकासी की समस्या का वैज्ञानिक एवं स्थायी समाधान संभव होगा और किसानों को हर वर्ष होने वाली परेशानी से राहत मिल सकेगी।
बूढ़ी गंडक तटबंध पर 39 किलोमीटर पक्की सड़क की मांग
दूसरे पत्र में विधायक ने खगड़िया जिला अंतर्गत बूढ़ी गंडक नदी के बाएं एवं दाएं तटबंध पर पक्की सड़क निर्माण का मामला उठाया है।पत्र के अनुसार नदी के बाएं तटबंध पर लगभग 19किलोमीटर तथा दाएं तटबंध पर लगभग 20 किलोमीटर,यानी कुल करीब 39 किलोमीटर लंबाई में पक्की सड़क का निर्माण जनहित में अत्यंत आवश्यक है।विधायक ने कहा कि तटबंध पर पक्की सड़क बनने से बाढ़ प्रभावित एवं तटबंध से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा काफी बेहतर होगी।वर्तमान में तटबंध एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
दर्जनों गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
पत्र में विधायक ने बताया है कि प्रस्तावित सड़क निर्माण से तटबंध के आसपास बसे अनेक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।इनमें आहोक,सादपुर, चक्की,विशनपुर,तेतरी,मघुवा,विशनपुर आहोक,गोविंदपुर,घर दियारा,जोगिया,चकनौरा सहित अन्य गांव शामिल हैं।पक्की सड़क का निर्माण होने से इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को वर्षभर आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।विशेषकर बरसात एवं बाढ़ के समय ग्रामीणों को आवागमन में होने वाली परेशानी काफी कम हो सकती है।
बाजार,प्रखंड मुख्यालय और अस्पताल तक पहुंच होगी आसान
विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि तटबंध पर पक्की सड़क का निर्माण होने से ग्रामीणों को बाजार, प्रखंड मुख्यालय,जिला मुख्यालय,विद्यालय, अस्पताल तथा अन्य आवश्यक संस्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी।इसके अलावा किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में भी सहूलियत मिलेगी। सड़क निर्माण से ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने तथा स्थानीय लोगों के आवागमन को सुगम बनाने की उम्मीद है।
विधायक ने प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति की मांग की
विधायक बबलू कुमार मंडल ने जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी से आग्रह किया है कि क्षेत्र की आवश्यकता और बड़ी आबादी को होने वाले लाभ को देखते हुए बूढ़ी गंडक नदी के दोनों तटबंधों पर पक्की सड़क निर्माण की योजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जाए और आवश्यक विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए।
दोनों योजनाओं को लेकर विधायक की सक्रिय पहल
इन दोनों पत्रों के माध्यम से विधायक ने एक ओर जहां बाढ़ एवं जलजमाव से प्रभावित कृषि भूमि के स्थायी समाधान की मांग उठाई है,वहीं दूसरी ओर बूढ़ी गंडक के तटबंधों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने का मुद्दा सरकार के समक्ष रखा है।यदि दोनों योजनाओं को स्वीकृति मिलती है तो खगड़िया विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण एवं बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलनिकासी, आवागमन,कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ मिलने की संभावना है।
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