राजेश सिन्हा की रिपोर्ट

 

                                                             

खगड़िया जिले के अलौली थाना क्षेत्र में बीते 20दिसम्बर को घटित लूरक यादव हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है।इस मामले में अभियुक्त बनाए गए अलौली निवासी सुबोध यादव की धर्मपत्नी श्वेता देवी ने पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक को आवेदन देकर अपने पति को निर्दोष बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है। एसपी और डीएसपी को सौंपे गए आवेदन में श्वेता देवी का कहना है कि अलौली थाना क्षेत्र में बीते 20 दिसम्बर को घटित लूरक यादव हत्याकांड में साजिश के तहत उनके पति सुबोध यादव को नामजद कर दिया गया है।श्वेता देवी की बातों पर अगर यकीन करें, तो लूरक यादव की हत्या में उनके पति का कोई हाथ नहीं है। बावजूद इसके,उन पर साजिश रचने का आरोप लगाकर नामजद कर दिया गया है।राजनीतिक साजिश के तहत लूरक यादव हत्याकांड में उनके पति को साजिश के तहत फंसा दिया गया है।श्वेता देवी के मुताबिक,घटना के दिन भी लूरक यादव ने उनके घर पहुंचकर उनके पति सुबोध यादव से मुलाकात की थी। इतना ही नहीं,उनके घर पर ही चाय-नाश्ता कर लूरक यादव तीनबटिया चौक के लिए निकल गए थे।यह सभी वाक्या उनके घर लगे सीसीटीवी फुटेज में कैद है।श्वेता के अनुसार,लूरक यादव चाय-नाश्ते के बाद तीनबटिया चौक के लिए निकले,लेकिन उनके पति सुबोध यादव घर पर ही रह गए।श्वेता का यहां तक दावा है कि,उनके पति और लूरक यादव के बीच मधुर संबंध थे।कभी भी दोनों के बीच किसी भी बात को लेकर काना-बाती तक नहीं हुई थी।सुबोध यादव की पत्नी ने उक्त घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि जांचोपरांत दूध का दूध और पानी का पानी होना तय है।उन्होंने पत्रकारों को बताया कि लूरक यादव का गांव की मीरा देवी वगैरह से अनबन चलता आ रहा था।दोनों पक्षों के बीच अक्सर अनबन होना,आम बात थी। उनके पति को उक्त कांड से कोई लेना-देना भी नहीं है।उन्होंने एसपी से जांचोपरांत न्याय की गुहार लगाते हुए सुबोध यादव के मोबाइल का सीडीआर,लोकेशन एवं सीसीटीवी फुटेज जांच कराने की मांग की है।