राजेश सिन्हा की रिपोर्ट केंद्रीय बजट में किसानों के साथ धोखा किया गया है।उक्त बातें बिहार किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह टुडू ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने कृषि बजट को पिछले साल के अपेक्षित घटा दिया है।वर्ष 2019-20 का कृषि बजट 1 लाख 54 हजार करोड़ था,उसको इस वर्ष घटा कर1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। ======================= उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर पर 28%,अन्य कृषि यंत्र पर 12%,कीटनाशक दवाई आदि पर 18% GST को बढ़ाते हुए कृषि यंत्र का दाम भी बढ़ा दिया गया है।श्री टुडू के मुताबिक भाजपा नित सरकार कहती है कि वह देश के किसानों को कृषक सम्मान योजना के तहत पेंशन देती है।लेकिन इस बार के बजट में कृषक सम्मान योजना की राशि घटा कर 75 हजार करोड़ रुपये से 65 हजार करोड़ रुपये कर दी गई है,जो किसानों के साथ सरासर अन्याय है।श्री टुडू ने यह भी कहा कि,सरकार ने पहले ही सबसे कम 2.24%,जो पिछले दस सालों में सबसे कम रब्बी के फसल का एमएसपी है, निर्धारित किया है।इतना ही नहीं,इस बजट में उर्वरक सब्सिडी में भी कटौती कर दी गई है,तो फिर 2022 में किसानों की आय कैसे दोगुनी होगी! =========================