प्रवीण कुमार प्रियांशु अलौली(खगड़िया)।खगड़िया जिले की शिक्षा व्यवस्था क्यों बिलख रही है और कब तक बिलखती रहेगी!यह तो विभागीय हाकिम ही जानें लेकिन अन्य मामलों को कुछ देर के लिए दरकिनार कर अगर अलौली प्रखंड अंतर्गत लक्ष्मी देवी उच्च माध्यमिक विद्यालय शुम्भा की बात करें,तो विभाग में मची 'लूट की छूट' का नजारा स्पष्ट दिख रहा  है

 

पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक अजय कुमार निराला के निधन पश्चात प्रधानाध्यापक बनने के लिए लगी होड़ देखकर स्थानीय लोग हैरान भी हैं और नाराज भी। कभी भ्रष्टाचार में संलिप्त रहे निलंबित प्रधानाध्यापक शलैन्द्र शर्मा इन दिनों खासे सुर्खियों में तो हैं ही,निलंबन बाद शंकर मोची द्वारा राजपाट पाने के लिए तमाम तरह का तिकड़म लगाया जाना भी स्थानीय लोगों को रास नहीं आ रहा है।

कभी विभागीय मिली-भगत से निलंबन वापस लिए जाने के बाद शलैन्द्र शर्मा द्वारा प्रभार लेने के लिए कसरत किया जा रहा है,तो कभी शंकर मोची 'खेला होबे' में लग जाते हैं एक ही दिन में अलग-अलग पत्र जारी होने से लोग खासे सकते में हैं।लेकिन शिक्षा विभाग का नाटकीय खेल लगातार जारी है।

बता दें कि लक्ष्मी देवी उच्च माध्यमिक विद्यालय के पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक अजय कुमार निराला के निधन के बाद बीते 4 महीनों से विद्यालय का प्रभार लेने व देने के लिए विभागीय पदाधिकारियों द्वारा नाटकीय खेल खेला जा रहा है। कभी श्री शिवनारायण मध्य विद्यालय,शुम्भा का भ्रष्टाचार में संलिप्त निलंबित प्रधानाध्यापक शैलेंद्र शर्मा के बाद शंकर मोची तो कभी एक ही दिन में शिक्षा विभाग द्वारा 2 लेटर जारी कर शैलेंद्र शर्मा का निलंबन वापस लिया जाना तरह-तरह का संशय पैदा कर रहा है। विभागीय मिलीभगत के कारण लक्ष्मी देवी उच्च माध्यमिक विद्यालय का प्रभार देकर पुनः निरस्त कर दिए जाने का नजारा धीरे-धीरे दिलचस्प मोड़ पर पहुंचता जा रहा है। श्री शिवनारायण मध्य विद्यालय,शुम्भा के शिक्षक शंकर मोची को फिर से प्रभार दिए जाने का आदेश खगड़िया के जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा दिया गया है।जानकारी तो यहां तक है कि शंकर मोची प्रभार लेने को तैयार नहीं है।फिर भी शिक्षा पदाधिकारी द्वारा शंकर मोची के गले में जबरन घंटी बांधने की कोशिश की जा रही है। वास्तविक तौर पर इस तरह की कहानी का राज क्या है, यह तो शिक्षा पदाधिकारी ही जानें।लेकिन वर्तमान शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जारी लेटर को देख कर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक ही दिन में 2 प्रधानाध्यापक लक्ष्मी देवी उच्च माध्यमिक विद्यालय,शुम्भा का शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा बना दिया जाना चर्चा विषय बना हुआ है। एसडीएफ लाईव इंडिया के इस संवाददाता द्वारा इस संदर्भ में डीईओ से बात की गई तो जबाव नहीं देकर एक लेटर निरस्त कर फिर दूसरे शिक्षक(श्री शिवनारायण मध्य विद्यालय,शुम्भा)शंकर मोची को प्रधानाध्यापक बना दिया जाता है।इससे यही सवाल उठता है या तो शैलेन्द्र शर्मा और शंकर मोची के बीच मिलीभगत है या खगड़िया के शिक्षा पदाधिकारी का दोनों से मिलीभगत है।भ्रष्टाचार में संलिप्त और विभागीय कारवाई में दोषी पाए जाने के बाद निलंबित प्रधानाध्यापक शैलेन्द्र शर्मा को पुनः श्री शिवनारायण मध्य विद्यालय,शुम्भा का प्रधानाध्यापक पूर्व शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा जाते- जाते बना दिया गया।हद तो यह है कि पूर्व शिक्षा पदाधिकारी निलंबित करते हैं और कुछ महीनों बाद निलंबन वापस किए जाने का पत्र जाते-जाते जारी कर देते हैं।

इसमें साफ तौर पर रिश्वतखोरी की बू आ रही है फिर भी विभागीय पदाधिकारी सफाई पर सफाई देने से बाज नहीं आ रहे हैं।मध्य विद्यालय के शिक्षक शंकर मोची को हाई स्कूल का प्रधानाध्यापक बना दिया जाना आश्चर्य का विषय है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अब दोनों मिलकर फिर से सरकारी सम्पत्ति को लूटना शुरु कर देंगे।जानकार बताते हैं कि विभागीय पदाधिकारी को भी इस तरह की लूट में हिस्सा मिलता है।ग्रामीणों का कहना है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी से जबाव मांगा है।सीधे तौर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा अगर जवाब नहीं दिया जाएगा,तो सूचना के अधिकार के तहत जबाब मांगा जाएगा।बहरहाल, मामला दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है।अब देखना दिलचस्प होगा कि फससफा क्या होता है!!