


एसडीएफ न्यूज ब्यूरो, खगड़िया
खगड़िया।नगर परिषद खगड़िया क्षेत्र अंतर्गत कचहरी रोड एवं सोनमंखी-गौशाला रोड में BUIDCO द्वारा कराए जा रहे निर्माणाधीन नाला की गुणवत्ता एवं निर्माण प्रक्रिया को लेकर नगर सभापति अर्चना कुमारी ने गंभीर चिंता जताई है।नगर सभापति की ओर से इस संबंध में खगड़िया लोकसभा के माननीय सांसद महोदय को पत्र भेजकर पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है।
नगर सभापति ने कहा कि नाला निर्माण का उद्देश्य शहर की जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना और आम लोगों को जलजमाव की समस्या से राहत दिलाना है।ऐसे में करोड़ों रुपये की सरकारी राशि से बनने वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना में यदि निर्माण के स्तर पर किसी प्रकार की तकनीकी कमी रह जाती है तो इसका सीधा असर आने वाले वर्षों में शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर पड़ सकता है।
स्थल निरीक्षण के बाद सामने आए कई महत्वपूर्ण सवाल
नाला निर्माण को लेकर नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा द्वारा लगातार सवाल उठाए जाने और जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत किए जाने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।इसके बाद SDM धनंजय कुमार की अध्यक्षता में पुल निगम के कार्यपालक अभियंता,RCD के कार्यपालक अभियंता तथा नगर परिषद खगड़िया की कार्यपालक पदाधिकारी सिन्धु कमल की मौजूदगी में निर्माणाधीन नाले का स्थल निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान नाले के लेवल, एलाइनमेंट,कंक्रीट की स्थिति,निर्माण प्रक्रिया एवं क्यूरिंग सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं को देखा गया।प्रारंभिक निरीक्षण में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई बिंदुओं पर पुनःविस्तृत तकनीकी जांच की आवश्यकता महसूस की गई है।
क्यूरिंग की अवधि को लेकर गंभीर सवाल
नगर सभापति की ओर से सांसद को दिए गए आवेदन में विशेष रूप से नाले की क्यूरिंग प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।शिकायत के अनुसार, जहां निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के अनुरूप पर्याप्त अवधि तक क्यूरिंग किया जाना आवश्यक है, वहीं कुछ स्थानों पर मात्र एक से दो दिन की क्यूरिंग किए जाने की बात सामने आई है।यदि तकनीकी जांच में यह स्थिति प्रमाणित होती है तो इससे कंक्रीट की मजबूती और नाले की आयु पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।नगर सभापति ने मांग की है कि इस बिंदु की विशेषज्ञ अभियंताओं से विधिवत जांच कराई जाए।वाइब्रेटर का इस्तेमाल नहीं होने से हनीकॉम्बिंग की शिकायत निरीक्षण के दौरान नाले के कंक्रीट कार्य में वाइब्रेटर के समुचित उपयोग को लेकर भी सवाल उठे हैं।शिकायत के अनुसार कई स्थानों पर कंक्रीट में हनीकॉम्बिंग एवं छेद जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।नगर सभापति ने कहा कि नाला एक महत्वपूर्ण स्थायी आधारभूत संरचना है।यदि कंक्रीट डालने के दौरान निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है तो इसकी मजबूती प्रभावित हो सकती है।इसलिए केवल सतही मरम्मत के बजाय पूरे निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता की जांच आवश्यक है।एलाइनमेंट और लेवल की भी हो जांच नगर सभापति ने कहा कि निर्माणाधीन नाले के कुछ हिस्सों के एलाइनमेंट एवं लेवल को लेकर भी सवाल उठे हैं।कहीं नाला सड़क के स्तर से नीचे दिखाई दे रहा है तो कहीं अपेक्षाकृत अधिक ऊंचाई पर होने की शिकायत है।
नाले की प्रभावी जलनिकासी के लिए उसका सही लेवल और पर्याप्त ढलान अत्यंत महत्वपूर्ण है।इसलिए सांसद से अनुरोध किया गया है कि संबंधित विभाग को निर्देशित कर दोनों नालों की लेवल, ढलान,गहराई,चौड़ाई एवं एलाइनमेंट की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए।
सड़क चौड़ीकरण को ध्यान में रखकर हो निर्माण
नगर सभापति ने यह भी कहा कि नाला निर्माण केवल वर्तमान जरूरत को ध्यान में रखकर नहीं,बल्कि शहर के भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।यदि भविष्य में सड़क का चौड़ीकरण प्रस्तावित है तो नाले का वर्तमान एलाइनमेंट बाद में विकास कार्य में बाधा न बने,इसकी भी तकनीकी समीक्षा आवश्यक है।उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण कार्य में DPR, स्वीकृत प्राक्कलन एवं तकनीकी डिजाइन का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिम्मेदारी तय करने की मांग
नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कहा कि यदि उच्चस्तरीय तकनीकी जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता,गुणवत्ता में कमी या निर्धारित मानकों की अनदेखी प्रमाणित होती है तो संबंधित अभियंता, संवेदक अथवा अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि विकास कार्य किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं,बल्कि खगड़िया की जनता के लिए होता है।इसलिए किसी भी परियोजना में गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
“विकास कार्य रुकना नहीं चाहिए, लेकिन गुणवत्ता से समझौता भी नहीं होगा”
नगर सभापति अर्चना कुमारी ने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी विकास कार्य को रोकना नहीं है।शहर में बेहतर जलनिकासी के लिए नाला निर्माण आवश्यक है और वे चाहती हैं कि यह परियोजना जल्द पूरी हो।लेकिन निर्माण कार्य मजबूत, गुणवत्तापूर्ण और तकनीकी मानकों के अनुरूप होना भी उतना ही जरूरी है।उन्होंने कहा कि यदि निर्माण के दौरान ही तकनीकी कमी सामने आती है तो उसे समय रहते दूर किया जा सकता है।निर्माण पूरा होने के बाद कमी सामने आने पर उसे सुधारने में दोबारा सरकारी राशि खर्च हो सकती है,जिससे सरकारी धन का नुकसान होगा।
सांसद से विशेष हस्तक्षेप की अपील
नगर सभापति ने माननीय सांसद से आग्रह किया है कि वे इस मामले में संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन के स्तर पर आवश्यक पहल करते हुए उच्चस्तरीय स्वतंत्र तकनीकी जांच सुनिश्चित कराने में सहयोग करें,ताकि निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सभी सवालों का निष्पक्ष समाधान हो सके।उन्होंने कहा कि खगड़िया की जनता के हित में बनने वाली इस महत्वपूर्ण जलनिकासी परियोजना को पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरा कराया जाना चाहिए।
नगर सभापति ने उम्मीद जताई कि प्रशासन एवं संबंधित विभाग जांच के सभी तकनीकी पहलुओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकारी राशि से निर्मित नाला आने वाले लंबे समय तक शहर की जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने में उपयोगी साबित हो।
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