राजेश सिन्हा की रिपोर्ट क्रूर बन चुके अग्निदेव ने किसानों पर कहर बरपाना शुरु कर दिया है।छोटी सी चिंगारी अब अंगारा बनकर किसानों के चेहरे से मुस्कान नोंचना शुरु कर चुकी है।स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसी एक जगह लगी आग की लपटें थमती भी नहीं कि किसी दूसरी जगह आगजनी की घटना सामने आ जाती है। अपनी आंखों के सामने लहलहाती फसलों को खाक होता देखकर किसानों के चेहरे की लाली विकृत नजर आने लगी है।इधर बिहार किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह टुडू ने एक बयान जारी कर कहा है कि खगड़िया जिले के विभिन्न इलाकों में किसानों की फसलें लगातार अग्निदेव के भेंट चढ़ रही है।हालात यह है कि कृषि विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग इस नुकसान का आंकलन तक नहीं कर पा रही है।किसानों का परिवार भूखमरी की कगार पर आ गया है।प्रदेश अध्यक्ष श्री टुडू के मुताबिक आज रविवार को भी खगड़िया प्रखंड के बछौता,सन्हौली,भदास तथा राँको में अग्निदेव का कहर बरपा है।हजारों एकड़ में लगी गेहूं की फसलों में आग लग जाने के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है।पशु चारा के लिए जमा किए गए भूसे भी जलकर खाक हो चुके हैं। *************************************************** उन्होंने किसानों की दयनीय स्थिति को रेखांकित करते हुए कहा है कि बिहार में राज्य सरकार के द्वारा पहले ही फसल बीमा योजना को बंद कर दिया गया है।फसल सहायता का लाभ भी किसानों को मिलता नहीं है।श्री टुडू का कहना है कि खगड़िया के जिला अधिकारी एवं जिला कृषि पदाधिकारी से उनकी मांग है कि सरकार की गाइड लाइन के अनुसार आग की भेंट चढ़ चुकी फसलों के एवज में क्षति पूर्ति अविलंब दिया जाय।किसान नेता श्री टुडू ने किसानों को प्रति एकड़ 25 हजार रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग जिला प्रसाशन से की है और कहा है कि खेतो में लगी मक्का के फसल को भी नुकसान हुआ है।इसलिए मक्का उत्पादक किसानों को 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिले।अन्यथा बिहार किसान मंच के द्वारा जिला प्रशासन का घेराव किया जाएगा। ****************************************************