गौरव सिन्हा की रिपोर्ट
बिहार के छपरा सहित अन्य जगहों पर जहरीली शराब पी- पीकर लोगों के मरने का सिलसिला जारी है और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तकरार चल रहा है।एक तरफ जहां शराब से हो रही मौत के लिए बिहार के मुखिया नीतीश कुमार को जिम्मेवार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग पर भाजपा डटी हुई है,वहीं जदयू के साथ-साथ राजद द्वारा बिहार बीजेपी के विरुद्ध शराबबंदी के नाम पर घृणित राजनीति करने का आरोप लगाया जा रहा है।जहरीली शराब पीकर मरने का सिलसिला कब तक थमेगा और पक्ष-विपक्ष के बीच हो रही बयानबाजी पर कब तक विराम लगेगा,यह कहना तो फिलवक्त मुश्किल है।लेकिन जदयू के खगड़िया जिलाध्यक्ष बबलू कुमार मंडल ने भी भाजपा नेताओं पर करारा प्रहार करते हुए कहा है कि, बिहार में भाजपा जिस प्रकार से शराबबंदी कानून का मखौल उड़ा रही है,वह घोर निन्दनीय है।जनता दल यूनाइटेड भाजपा के गैर जिम्मेदारना हरकत की घोर भर्त्सना करती है।उन्होंने कहा है कि,वाकई में महिलाओं के उत्थान व सशक्तिकरण के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने को ले लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा शराबबंदी, बाल विवाह व दहेज उन्मूलन, विधवा पुनर्विवाह,भ्रूण हत्या पर रोक एवं जीविका इत्यादि द्वारा किये जा रहे बेहतर कार्यों की गति अवरुद्ध करने के लिए बीजेपी बेवजह साजिशन दु:साहस कर रही है।
बीजेपी की हरकतों से मातृशक्ति का घोर अपमान तो हो ही रहा है,शराबबंदी कानून पर सवाल उत्पन्न कर एक बार फिर से तरक्की के पथ पर अग्रसर महिलाओं को सामाजिक,आर्थिक व राजनीतिक रुप से कमजोर करने की भाजापा द्वारा बहुत बड़ी चाल भी चली जा रही है।उन्होंने कहा कि,बीजेपी की इस चाल से बिहार ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण भारत वासियों को बचना चाहिए।इतना ही नहीं,इसका प्रतिकार भी करना चाहिए।
आज रविवार को जदयू कार्यालय में उपस्थित पत्रकारों को संबोधित करते हुए जदयू के जिला अध्यक्ष बबलू कुमार मंडल ने कहा कि,पटना में प्रकाश पर्व के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तो शराबबंदी कानून लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर प्रशंसा की थी और इसे सख्ती से पालन करने के लिए सबों को सहयोग करने की जरुरत पर बल भी दिया था।परन्तु छपरा में प्रतिबंधित पेय पदार्थ के सेवन से मौत होने पर बीजेपी के द्वारा मुआवजा देने की मांग की जा रही है,जो कतई उचित नहीं है।श्री मंडल ने कहा कि,इसके पहले बीजेपी शासित प्रदेशों में वैध व अवैध शराब पीने से सर्वाधिक मौतें हुई है।वहां मुआवजा दिए गए हैं क्या?नहीं दिए गए हैं,तो बिहार में लवर- लवर बोल कर कानून का मजाक मत बनाए बीजेपी।
श्री मंडल ने आक्रोशित लहजे में कहा कि,बेशर्मी की भी हद होती है और उस हद को बीजेपी पार कर रही है।स्थिति यह है कि,सही आंकड़े को सुनने के लिए भी बीजेपी तैयार नहीं है।सही आंकड़ों की तरफ झांकने में भी भाजपा शर्माती है।उल्टे बिहार को बदनाम करने पर तुली हुई है।जबकि सर्वविदित है कि, वर्ष 2013 से 2021 तक बीजेपी शासित राज्य गुजरात में 105,कर्नाटक में 1222, उत्तर प्रदेश में 678 एवं मध्यप्रदेश में 1799 व्यक्तियों की जहरीले और गैर जहरीले शराब का सेवन करने से मौत हो चुकी है।एक आंकड़े की मीडिया के बंधुओं द्वारा खूब चर्चा की जा रही है कि,किस तरह अवैध और वैध शराब पीने से दर्जनों गुणा अधिक संख्या में मरने के मामले में बीजेपी शासित राज्य अव्वल है।श्री मंडल ने कहा कि, भाजपा अप्रत्यक्ष रुप से महिला,अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक पासमान्दा तथा पिछड़ा-अतिपिछड़ा वर्ग की पकिया विरोधी है।इसलिए बीजेपी चाहती है कि, शराबबंदी कानून हट जाय और इन सभी वर्गों के लोगों को मदिरापान करा कर दबाए रखेंगे।प्रगति के मार्ग से अलग रखने में बेहद मदद मिलेगी।लेकिन बीजेपी यह जान ले कि,नीतीश कुमार ऐसा कतई होने नही देंगे।


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