राजेश सिन्हा कोरोना की बढ़ती दूसरी लहर ने आम लोगों के साथ-साथ खास लोगों के बीच भी कोहराम मचा रखा है।लोगों की जिंदगी के रफ्तार पर ग्रहण तो लग ही गया है,मौत की देहरी तक असमय लोगों को पहुंचता देखकर सभी का कलेजा मुंह को आ रहा है।हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पृथक शवदाह स्थल बनाने की आवश्यकता भी अब महसूस की जाने लगी है।सरकार द्वारा जारी इस तरह के आदेश को अमलीजामा पहनाने के बाबत आज गुरुवार अर्थात 29 अप्रैल को खगड़िया के जिलाधिकारी डॉक्टर आलोक रंजन घोष द्वारा कोविड संक्रमण के कारण जीवन-मौत के संघर्ष में हार कर मौत के शिकार हुए लोगों के अंतिम संस्कार में आ रही कठिनाइयों के निवारण को ले पृथक शवदाह स्थल के चयन के बाबत स्थल का जायजा लिया गया।यहां यह बताना जरुरी होगा कि बिहार सरकार ने कोविड संक्रमण के कारण मौत के आगोश में समा चुके लोगों के अंतिम संस्कार को ले सभी कार्यपालक पदाधिकारियों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को राशि उपलब्ध कराने का फैसला लिया है और सरकारी खर्च पर मृतकों का अंतिम संस्कार कराए जाने की बात कही है। बताया गया है कि ऐसे लोगों का भी अंतिम संस्कार सरकारी खर्च पर किया जाएगा,जिनमें कोविड जैसे लक्षण तो थे,लेकिन टेस्ट में निगेटिव पाए गए। **************************************************** मिल रही जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी डॉक्टर आलोक रंजन घोष ने बूढ़ी गंडक तट अर्थात वार्ड नंबर 26 स्थित बलुआही घाट का जायजा लिया और वहां पूर्व से मौजूद अवसंरचना को देखते हुए इसे चयनित करने के संबंध में विचार-विमर्श करने की बात कही।जिलाधिकारी ने बताया कि कई राज्यों से ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि कोविड संक्रमण के कारण मौत के शिकार हुए व्यक्तियों के अंतिम संस्कार में कठिनाई आ रही है।इसलिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पृथक शवदाह स्थल चयनित किया जाना नितांत आवश्यक है, ताकि सम्मान सहित उन्हें अंतिम विदाई दी जा सके।दूसरी तरफ यह भी जानकारी मिल रही है कि जिलाधिकारी द्वारा कंटेनमेंट जोन एवं कोविड केयर सेंटर का भी निरीक्षण किया गया है।डीएम डॉक्टर आलोक रंजन घोष ने आज गुरुवार को खगड़िया नगर परिषद क्षेत्रों में निर्मित कंटेनमेंट जोनों का भी भ्रमण किया और खगड़िया के अनुमंडल पदाधिकारी नगर परिषद खगड़िया के नाम आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया।आज शाम 7 बजे जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल स्थित कोविड केयर सेंटर एवं डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर का भी निरीक्षण किया।इतना ही नहीं, ऑक्सीजन सिलेंडर व दवाओं की उपलब्धता संदर्भित जानकारी लेते हुए साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।इस बीच स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की मौजूदगी में प्रोटोकॉल के मुताबिक मरीजों के इलाज का निर्देश जारी किया। ****************************************************