खगड़िया
*'पुलिस हमारे दोस्त बनो,समय पर हमारी मदद करो'सहित अन्य मर्मस्पर्शी नारे आखिर क्यों हो रहे हैं बुलंद!पढ़ लें पूरी खबर*
अमरजीत कुमार खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना में एक गंभीर मामले को लेकर 'पंचायत करे पुकार' ने पुलिस के खिलाफ गहरी नाराजगी जाहिर की है।दरअसल, फतेहपुर में किसी पेड़ काटने के कंप्लेंट को लेकर गोगरी पुलिस cognizance (संज्ञान) के लेने के बाबत स्थल पर गई हुई थी।इसी क्रम में वहां पर मौजूद शिकायतकर्ता परिवार की एक लड़की अर्थात त्रिभुवन चौरसिया की पुत्री श


खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना में एक गंभीर मामले को लेकर 'पंचायत करे पुकार' ने पुलिस के खिलाफ गहरी नाराजगी जाहिर की है।दरअसल, फतेहपुर में किसी पेड़ काटने के कंप्लेंट को लेकर गोगरी पुलिस cognizance (संज्ञान) के लेने के बाबत स्थल पर गई हुई थी।इसी क्रम में वहां पर मौजूद शिकायतकर्ता परिवार की एक लड़की अर्थात त्रिभुवन चौरसिया की पुत्री शिवानी चौरसिया वीडियो बनाने लगी। लेकिन शिवानी का वीडियो बनाना पुलिस को इतना नागवार लगा कि पुलिस वालों ने उस लड़की का मोबाइल छीन लिया।मोबाइल वापस मांगने पर शिवानी को कहा गया कि थाना आओ, वहीं बात करेंगे।शिवानी जब थाना पहुंची,तो उनको सुनने के लिए कोई तैयार नहीं था।बार- बार एक ही सवाल पूछा जाने लगा कि वीडियो क्यों नहीं बना रही थी! *************************************************** शिवानी ने जवाब दिया कि सर,वीडियो बनाना हमारा अधिकार है। मैंने तो SP साहब, DSP साहब, MLA ,MP आदि का वीडियो वायरल होते हुए देखा है,तो फिर आपका क्यों नहीं बना सकती!शिवानी ने यह भी कहा कि लोग वीडियो इसलिए बनाते है कि कहीं अधिकारी या नेता पैसे न मांग लें या कुछ गलत न बोल दें।क्योंकि अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि घूस भी मांग लिया जाता है।लेकिन सबूत के अभाव में उनके विरुद्ध करवाई भी नहीं हो पाती है।शिवानी के मुताबिक अगर अधिकारी या नेता सही काम कर रहे हैं तो उनको वीडियो बनाने से डर कैसा!इधर स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवानी पुलिस सर्विस में जाकर देश की सेवा करना चाहती है। उसके साथ ऐसा हुआ कि शायद उसके मन में भी पुलिस की नाकारात्मक छवि बन जाय।स्थानीय लोग तो यह भी कहते सुने गए कि इसी तरह की बिगड़ी हुई छवि के कारण आम लोगों के दिलों में डर पैदा होता है।दूसरी तरफ 'पंचायत करे पुकार' के सलाहकार मिन्हाज भारती और अध्यक्ष रुपेश क्रांतिकारी द्वारा इस मसले की शिकायत गोगरी थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष शरत कुमार से की गई और कहा गया कि पुलिस का काम जनता के दिलों से चोर, डकैत,बदमाश आदि का डर निकलना है,न कि आम आदमी के अंदर पुलिस का डर पैदा करना।उन्होंने कुछ नारों के साथ अपना दर्द भी बयां किया है।'पंचायत करे पुकार,पुलिस को Citizen Friendly बनाए सरकार' 'पंचायत करे पुकार,पुलिस को विनम्र बनाओ सरकार',पुलिस वालों से बहस नहीं,हमें उनका साथ चाहिए','पुलिस हमारे दोस्त बनो,समय पर हमारी मदद करो''उठो बिहार, जागो बिहार, बदलो बिहार,पंचायत करे पुकार' आदि नारे लोगों को खूब भा भी रहे हैं।बहरहाल,देखना दिलचस्प होगा कि गोगरी थाना पुलिस पर इन नारों का असर पड़ता है अथवा अपनी डफली, अपना राग अलापने में ही पुलिस मस्त रह जाती है! ****************************************************
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