खगड़िया।

 

नगर थाना में पदस्थापित दारोगा सुरेन्द्र यादव ने आज रविवार की शाम खुद के सर्विस रिवॉल्वर से कनपट्टी में गोली मार ली।गंभीर रुप से जख्मी हालत में उन्हें खगड़िया सदर अस्पताल लाया गया,लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया।हालांकि समाचार संप्रेषण यह स्पष्ट नहीं हो सका था कि उन्होंने खुद को गोली क्यों मारी।घटना की जानकारी मिलते ही सदर अस्पताल पहुंचे डीएम डॉक्टर आलोक रंजन घोष, पुलिस कप्तान अमितेश कुमार तथा डीएसपी सुमित कुमार ने भी कहा कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उन्होंने खुद को गोली क्यों मारी।डीएम आलोक रंजन घोष ने कहा कि मिल रही जानकारी के अनुसार वह फिलवक्त अस्वस्थ चल रहे थे।एसपी अमितेश कुमार ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही वह सदर अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक दारोगा सुरेन्द्र यादव दम तोड़ चुके थे।परिजनों को सूचना दे दी गई है।घटना स्थल का मुआयना करते हुए मामले की गंभीरता पूर्वक जांच की जा रही है।

मिल रही जानकारी के अनुसार सहरसा जिले के रहने वाले सुरेन्द्र यादव बीते वर्ष 1996से पुलिस विभाग में कार्यरत थे।इधर के दिनों में वह नगर थाना के मालखाना इंचार्ज पद पर पदस्थापित थे।अन्य दिनों की तरह टाउन थाना परिसर में बने सरकारी आवास में थे।इसी बीच उनके आवास से गोली चलने की आवाज आई।आवाज सुनकर आस-पास रह रहे अन्य पुलिस कर्मियों सहित थाना में कार्यरत पुलिस पदाधिकारी दौड़े-दौड़े उनके आवास में पहुंचे तो उन्हें खून से लथपथ पाया।पास में उनका सर्विस रिवाल्वर पड़ा था।आनन-फानन में उन्हें खगड़िया सदर अस्पताल लाया गया,लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया।इधर सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार वह कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे।बार-बार छुट्टी का आग्रह किए जाने के बाद भी उन्हें छुट्टी नहीं दी जा रही थी।जिसके कारण वह डिप्रेशन का शिकार हो गए।

बहरहाल,घटना के बाद से पुलिस महकमे में खलबली मची है।चौक-चौराहे पर तरह तरह की चर्चाएं हो रही है।जब तक मामले की पुलिसिया जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती है,तब तक स्पष्ट तौर पर यह कहा नहीं जा सकता है कि उन्होंने आत्महत्या क्यों की।

गौरव सिन्हा की रिपोर्ट