राजेश सिन्हा

केन्द्र की वर्तमान सरकार द्वारा ओबीसी को सम्मान दिए जाने से समाज के सभी लोग खासे उत्साहित हैं।भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता सह क्षेत्रीय प्रभारी संजय खंडेलिया उत्साहित लफ्जों में कहते हैं कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओबीसी समाज को सम्मानित करने का काम किया है।उन्होंने पूरे प्रसंग को रेखांकित करते हुए कहा कि 27 केंद्रीय मंत्रियों का दायित्व ओबीसी समाज के सांसदों को देने का काम पीएम द्वारा किया गया है।भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता सह क्षेत्रीय प्रभारी संजय खंडेलिया के मुताबिक,ओबीसी,पिछड़ों और गरीबों के नाम पर राजनीति करने वाले अब ठोंग छोड़कर अपनी चिंता करें।जरुरतमंदों की चिंता करने का ढोंग करने वाले नेताओं को अब सावधान हो जाना चाहिए,क्योंकि जिस तरह से कर्मयोगी प्रधानमंत्री द्वारा लगातार पिछड़ों,वंचितों व गरीबों की सुधि लेते हुए NEET की परीक्षा में ओबीसी समाज के छात्र-छात्राओं को 27 प्रतिशत आरक्षण और गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है,उससे बिहारवासी पीएम के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।श्री खंडेलिया कहते हैं कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 1984 में ही केंद्र सरकार को इस विषय में निर्देशित किया गया था। बावजूद इसके पिछड़ों और मजलूमों के हिमायत का दंभ भरने वाली तत्कालीन सरकार इस मुद्दे को 2007 तक दबा के बैठी रही और पुनः न्यायालय के निर्देश पर आरक्षण दिया भी। एससी/ एसटी व ओबीसी समाज को तब भी तत्कालीन संप्रग सरकार ने छलने का काम किया था।श्री खंडेलिया के मुताबिक, संवेदनशील प्रधानमंत्री के संज्ञान में जैसे ही एनडीए के सांसदों और मंत्रियों द्वारा यह विषय संज्ञान लाया गया,उन्होंने त्वरित कारवाई करते हुए ओबीसी समाज के हित में यह निर्णय लिया।उन्होंने कहा कि अब ओबीसी समाज के लाखो छात्र-छात्राओं को NEET की अखिल भारतीय परीक्षा में 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।श्री खंडेलिया ने कहा कि युग पुरुष नरेंद्र मोदी जी के इस निर्णय से देशभर के तकरीबन 11000 से अधिक ओबीसी समाज के बच्चे लाभान्वित होंगे।