राजेश सिन्हा यूं तो पूरे बिहार का सियासी पारा इन दिनों परवान पर दिख रहा है,लेकिन हालिया घटनाक्रम पर नजर डालें,तो खगड़िया का राजनीतिक पारा भी खासे चढ़ा-चढ़ा दिखाई दे रहा है।अन्य दिनों की बातों को कुछ देर के लिए दरकिनार कर अगर आज गुरुवार अर्थात 19अगस्त की बात करें,तो सूबे के उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी एवं खगड़िया के सांसद चौधरी महबूब अली केशर के एक दिवसीय दौरे से जिले की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।हालांकि इन तीनों राजनीतिक हस्तियों का आगमन एनडीए द्वारा आयोजित पंचायती परामर्श समिति के सदस्यों, उपाध्यक्षों और अध्यक्षों के सम्मान समारोह सह मिलन समारोह में भाग लेने को लेकर हुआ था।लेकिन राजनीति को करीब से समझने वाले तीनों दिग्गज राजनीतिक हस्तियों के साथ-साथ आगमन पर तरह-तरह की चर्चा करते नजर आए।इधर पत्रकारों से मुखातिब हुए भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता संजय खंडेलिया ने बताया कि आगामी 4 एवं 5 सितंबर को पुनः बिहार भाजपा के कई राजनीतिक हस्तियों का महाकुंभ खगड़िया में लगेगा।उन्होंने बताया कि भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का उद्घाटन 4 सितम्बर को उप मुख्यमंत्री द्वय तारकिशोर प्रसाद,रेणु देवी,पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी,राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय,विधि मंत्री प्रमोद कुमार,स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे तथा पर्यटन मंत्री नारायण प्रसाद द्वारा संयुक्त रुप से किया जाएगा।श्री खंडेलिया ने बताया कि स्थानीय आवास बोर्ड स्थित मंजू वाटिका रिजार्ट में कार्यक्रम होना तय है।प्रदेश प्रवक्ता के मुताबिक आगामी 5 सितंबर को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर संजय जायसवाल,पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन,पूर्व मंत्री प्रेम कुमार,संगठन महामंत्री नागेंद्र जी,सह संगठन महामंत्री शिव नारायण आदि भी समाराेप समारोह में शिरकत करेंगे।साथ ही साथ समाराेप सत्र के उपरांत भारत सरकार के गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय एक आमसभा को भी संबोधित करेंगे।श्री खंडेलिया ने तैयारियों की चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा के तमाम कार्यकर्ता इस कार्यक्रम की तैयारियों में दिन रात लगे हुए हैं।उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी से भी आगामी 4एवं 5सितम्बर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम के निमित्त विमर्श करते हुए मार्गदर्शन प्राप्त किया गया है।बहरहाल,यह कहने में कहीं संकोच नहीं है कि आने वाले दिनों में अगर खगड़िया की राजनीतिक फिजां बदली-बदली नजर आए,तो शायद किसी को आश्चर्य नहीं करना चाहिए।