अररिया,(अंकित सिंह)।

बीते 07 अक्टूबर को अररिया जिले के भरगामा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सरकारी उत्क्रमित मध्य विद्यालय महथावा के शिक्षक द्वारा मीडिया के साथ किए गए दुर्व्यवहार मामले में उमवि महथावा स्कूल की अध्यक्ष रिंकी देवी ने कहा कि, स्कूल के शिक्षक ही अगर गुंडागर्दी पर उतर जाएंगे,तो बच्चों को क्या शिक्षा देंगे! सरकार इन शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के लिए और अच्छी शिक्षा देने के लिए मोटी तनख्वाह देती है।ताकि,बच्चों का भविष्य उज्जवल हो और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित ना रहे।लेकिन,इस स्कूल के शिक्षक बच्चों का भविष्य बनाने के बदले बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि,बीते 07 अक्टूबर शुक्रवार को मीडिया के द्वारा इस स्कूल की जमीनी हकीकत जानने का प्रयास किया गया,तो देखा गया कि,दिन के 2 बजकर 47 मिनट के आस-पास इस स्कूल के कुछ बच्चे स्कूल के खुले छतों पर दौड़ रहे थे,तो कुछ बच्चे स्कूल के क्लास रुम में मास्टर साहब के टेबल पर बैठेकर खेल रहे थे।वहीं कुछ बच्चे स्कूल की सीढ़ी पर बैठेकर समय काट रहे थे।हद तो यह कि,इस स्कूल की शिक्षिका लक्ष्मी कुमारी एक कुर्सी पर लेटकर और दूसरी कुर्सी पर पैर रखकर मोबाइल चलाने में व्यस्त थीं।अब आप ही बताइए,ए प्रिंसिपल साहब! जब आपके शिक्षक व आपके द्वारा इस तरह की लापरवाही की जा रही थी,तो आपके स्कूल की चौपट शिक्षा व्यवस्था को उजागर करने के लिए आपके लापरवाह शिक्षक और आपके स्कूल की चौपट शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर मीडिया द्वारा ले लिया गया,तो मीडिया कर्मी को बंधक बनाकर उनके साथ दुर्व्यवहार करने की इजाजत आपको किसने दे दी? बताते चलें कि, इस स्कूल की अध्यक्ष रिंकी देवी ने शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से मीडिया के साथ किए दुर्व्यवहार मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।उन्होंने इस तरह का दुर्व्यवहार करने वाले शिक्षकों को दंडित करने की मांग की है और कहा है कि,पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी शिक्षकों के विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्यवाही की जाय।