अररिया(अंकित सिंह)।

विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष राकेश रंजन परिहार ने कहा है कि,बिहार की चौपट शिक्षा व्यवस्था किसी से छुपी हुई नहीं है।शिक्षक सिर्फ खानापूर्ति के लिए स्कूल आते हैं और फिर घर को चले जाते हैं।अगर स्कूल में रह भी जाते हैं,तो हाजिरी बनाकर समय काटने का काम करते हैं।उन्हें बच्चों के भविष्य या बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले,इससे कोई मतलब नहीं रहता है।बीते दिनों उमवि महथावा स्कूल में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया द्वारा शिक्षकों की कार्य प्रणाली को उजागर करने का प्रयास किया गया,तो आखिरकार क्या गलत किया गया?

स्कूल के शिक्षक द्वारा अगर किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही थी,तो मीडिया को देखकर स्कूल के शिक्षक क्यों भड़क उठे,क्यों मीडिया के साथ तू-तू मैं-मैं करते हुए दुर्व्यवहार किया गया?अगर समय रहते लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया के साथ दुर्व्यवहार करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई नहीं की गई,तो विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल ऐसे शिक्षकों के विरुद्ध उग्र आंदोलन करने को बाध्य हो जाएगी।उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार के राज में पत्रकार सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि,पत्रकारों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार नहीं सहा जाएगा,वहीं अररिया जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पत्रकारों के साथ लूट,मारपीट और अभद्रता जैसी घटनाएं सामने आ रही है।कुछ दिन पहले ही एक वार्ड सदस्य द्वारा रानीगंज के एक पत्रकार के साथ अभद्रता किया गया था।

यह मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि,एक प्रिंट मीडिया के पत्रकार के साथ सरकारी स्कूल के शिक्षकों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया।प्रशासन इस मामले को जल्द से जल्द संज्ञान में लें,नहीं तो वह दिन दूर नहीं,जब देश के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों का नामोनिशान ना रहे!!