खगड़िया(इंदु प्रभा)।

बिहार सरकार के पुलिस महानिदेशक सह नागरिक सुरक्षा आयुक्त के पद को सुशोभित कर रहे बहुचर्चित तेज तर्रार आईपीएस अरविन्द पाण्डेय की कार्यशैली को लोग आज इसलिए याद करने लगे,क्योंकि उन्होंने पुलिस महानिदेशक (पुलिस प्रमुख) बिहार के पद पर नियुक्ति हेतु सूचीकरण में अपना नाम दर्ज करने के प्रति अपनी अनिच्छा व्यक्त कर दी।यह बताने की शायद जरुरत नहीं है कि, विंध्याचल धाम,उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी अरविन्द पाण्डेय,आईपीएस (88) तेज तर्रार आरक्षी अधीक्षक के रुप में खगड़िया में पदस्थापित थे।उन दिनों उनकी कार्यशैली के लोग जहां कायल थे,वहीं जिले के अपराधियों के सिर पर उनका खौफ चढ़कर बोलता था।उनकी चर्चा इनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रुप में होती थी।इधर,बिहारी पॉवर ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉ अरविन्द वर्मा ने मीडिया से कहा कि,अरविन्द पांडेय एक कड़क आईपीएस तो थे ही, अपराध नियंत्रक के साथ-साथ कला प्रेमी भी थे।वर्तमान समय में आईपीएस अरविन्द पाण्डेय की पहचान सांस्कृतिक और शैक्षिक विषयों पर प्रखर ओजस्वी वक्ता के रुप में भी है।डॉ वर्मा ने कहा कि,मुझे याद है कि, अरविन्द पाण्डेय जब खगड़िया में एसपी थे,उस वक्त कानून पसंद लोग उनसे बेपनाह प्यार करते थे,जबकि अपराधियों में गजब का भय व्याप्त था।उनके डर से अधिकतर अपराधी जिला ही छोड़ दिए थे।उन्हें डर था कि, कहीं पकड़े गए,तो मारे जायेंगे।

डॉ वर्मा बताते हैं कि, उन दिनों बसों की छतों पर चढ़ना ही लोग शायद भूल गए थे।अच्छे-अच्छे रसूखदार नेता भी एसपी अरविन्द पाण्डेय के सामने नतमस्तक रहते थे।डॉ वर्मा ने कहा कि,आज आईपीएस अरविन्द पाण्डेय की याद इसलिए आई कि, अभी अरविन्द पाण्डेय बिहार सरकार के पुलिस महानिदेशक सह नागरिक सुरक्षा आयुक्त के पद पर विराजमान हैं।पुलिस महानिदेशक (पुलिस प्रमुख) बिहार के पद पर नियुक्ति को ले सूचीकरण में अपनी अनिक्षा (चाहत नहीं) व्यक्त कर काफी चर्चे में हैं।हालांकि इस बात की खासे चर्चा है कि,उन्होंने आखिर पुलिस प्रमुख बनने के प्रति अनिच्छा क्यों जाहिर की!डॉ वर्मा ने कहा कि,मुझे ही नहीं अपितु तमाम खगड़िया वासियों को आज भी गर्व है ऐसे कर्मठ वरिष्ठ आईपीएस अफसर पर।इसके लिए वह अरविन्द पाण्डेय को साधुवाद देते हैं।