खगड़िया(गौरव सिन्हा)।

जिले के माड़र गांव के रहने वाले मुस्लिम समाज के युवक द्वारा मानवता की मिसाल करते हुए एक पत्रकार की नवजात पुत्री के लिए रक्तदान कर जान बचाए जाने की चहुंओर चर्चा हो रही है।दरअसल,खगड़िया जिले के पत्रकार अमित कुमार की महज चौबीस घंटे की नवजात बेटी अचानक जिंदगी और मौत से जूझने लगी।डॉक्टरों ने बताया कि, नवजात पीलियाग्रस्त हो गई है।खगड़िया सदर अस्पताल के डॉक्टर सहित निजी अस्पताल के चिकित्सक ने भी स्थिति गंभीर बताकर नवजात को रेफर कर दिया। बेगूसराय में नवजात को भर्ती कराए जाने के बाद डॉक्टर ने रक्त की कमी बताकर ब्लड की डिमांड कर दी।नवजात शिशु के पत्रकार पिता ने सोशल मीडिया पर ब्लड की आवश्यकता जताते हुए एक पोस्ट डाला।फिर क्या था, सभी ओर से मदद के हाथ आगे बढ़ने लगे।

इसी बीच पत्रकार अमित कुमार के द्वारा सोशल मीडिया पर डाले गए पोस्ट पर माड़र दक्षिणी पंचायत निवासी 25 वर्षीय मोहम्मद सलमान खुर्शीद की नजर पड़ी।उन्होंने बिना वक्त गंवाए ब्लड डोनेट करने की ठान ली और माड़र उत्तरी पंचायत निवासी पत्रकार अमित कुमार से सम्पर्क स्थापित कर बेगूसराय पहुंच गए।बेगूसराय पहुंचते ही उन्होंने नवजात शिशु को रक्तदानकर जान बचाया।नवजात शिशु को एक यूनिट ब्लड देकर जान बचाने वाले सलमान खुर्शीद द्वारा मानवता की मिशाल पेश किए जाने की जानकारी मिलते ही उनसे मिलने वालों की भीड़ लंबी होती जा रही है।शिशु का इलाज बेगूसराय में जारी है।इधर,पत्रकार अमित कुमार ने सलमान खुर्शीद की जमकर प्रशंसा की है और कहा है कि, एक मुस्लिम युवक ने मेरी बेटी को रक्तदान कर प्राणों की रक्षा की है।मोहम्मद खुर्शीद की जितनी भी तारीफ की जाय,कम ही होगी।पत्रकार अमित ने खगड़िया के डीएम डॉक्टर आलोक रंजन घोष, परबत्ता के जदयू विधायक डॉक्टर संजीव कुमार,सदर अस्पताल प्रबंधक शशि कुमार,हयूमैनिटि ब्लड ग्रुप के मन्नू सिंह,जिले के पत्रकारों, मारवाड़ी युवा मंच के सुजीत कुमार और समाजसेवियों की जमकर तारीफ की और कहा कि,सभी ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।सभी लोगों ने हौसला टूटने नहीं दिया।रक्तदान के लिए दर्जनों लोगों ने फ़ोन कर मदद का आश्वासन दिया।खगड़िया के डीएम द्वारा मेरी बेटी की तबियत के संदर्भ में पल-पल की जानकारी लेना मेरी लिए संबल बना रहा।कुल मिलाकर कहा जा सकता है,सलमान खुर्शीद सहित तमाम लोगों की दया-दुआ और मदद मेरी बेटी की जान बचाने में सहायक साबित हुई।