खगड़िया।

 

21वीं सदी में जी रहे लोग लोग अभी जादू-टोना और झाड़-फूंक पर कितना भरोसा करते हैं,इसका नजारा दिखा खगड़िया जिले के बेलदौर थाना अंतर्गत पचौठ पंचायत में।यहां सर्पदंश के कारण मौत के शिकार हुए बालक को जिंदा करने के लिए तांत्रकों द्वारा घंटो नौटंकी किया जाता रहा और लोग तमाशबीन बने रहे।यहां तक कि पुलिस के समक्ष भी तांत्रिक मृत बालक को जिंदा करने के लिए अनुष्ठान करने से बाज नहीं आए।विकट स्थिति तो तब उत्पन्न हो गई,जब मृत बालक के शव को पोस्टमार्टम के बावत सदर अस्पताल ले जाने से भी मृतक के परिजनों ने मना कर दिया।हालांकि बाद में पुलिस द्वारा मृतक के परिजनों को समझा-बुझाकर किसी तरह शव को पोस्टमार्टम के बावत खगड़िया सदर अस्पताल भेजा गया।

दरअसल,बेलदौर थाना अंतर्गत पचौठ पंचायत के वार्ड नंबर-1निवासी सुशील मंडल का पुत्र प्रीतम कुमार गोगरी थाना अंतर्गत सिकंदरपुर गांव स्थित नानी घर परिजनों के साथ गया था।खेलने के दौरान किसी विषैले सर्प ने उसे डंस लिया।नतीजतन वह मूर्छित हो गया।लेकिन परिवारजनों द्वारा उसे अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय पैतृक गांव पचौठ के ओझा पास ले जाया गया।बालक को तंदुरूस्त करने के लिए ओझा द्वारा झाड़-फूंक किया जाता रहा और उसकी हालत गंभीर होती गई।बालक की स्थिति बिगड़ती देख उसे आनन-फानन में बेलदौर पीएचसी ले जाया गया,लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बालक की मौत होने के बाद परिजन मुंगेर से दो तांत्रिक को बुलाकर ले आए और मुर्दे को जिंदा करने के लिए तांत्रिकों द्वारा ड्रामा शुरु कर दिया गया।हजारों रुपये खर्च कराकर तांत्रिकों द्वारा ड्रामा किया जाता रहा,लेकिन बालक को जिंदा नही होना था और अंतत:नहीं हुआ।इसी बीच किसी ने इस बात की सूचना पुलिस को दे दी।

पुलिस के पहुंचने के पश्चात भी तांत्रिकों का ड्रामा जारी रहा।इधर पंकज प्रकाश ने बताया कि परिजनों को किसी तरह समझा-बुझाकर मौत के शिकार हुए बालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया गया है।

गौरव सिन्हा की रिपोर्ट