राजेश सिन्हा की रिपोर्ट

         

विभिन्न कारणों से बिहार के खगड़िया जिले का परबत्ता प्रखंड सुर्खियां बटोर रहा है।बढ़ती आपराधिक घटनाएं आम लोगों के लिए चिंता का विषय तो है ही,विभिन्न सरकारी पदाधिकारियों की करतूतें भी परबत्ता प्रखंड को रह-रहकर सुर्खियों में ला रही है।कह सकते हैं कि,किसी एक मामले का निष्पादन हो भी नहीं हो पाता है कि,दूसरा मामला जुगाली करने लगता है।स्थगित किए गए नगर निकाय चुनाव के दौरान चल रही नामांकन प्रक्रिया के बीच परबत्ता के प्रखंड विकास पदाधिकारी अखिलेश कुमार द्वारा दो निर्दोष युवकों पर लाठियां बरसाए जाने के मामले में दोषी पाए गए परबत्ता बीडीओ अखिलेश कुमार के विरुद्ध ग्रामीण विकास विभाग द्वारा अभी तक किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं किया जाना, चर्चा का विषय तो बना हुआ है ही, पुलिस ने परबत्ता सीएचसी के दारुबाज प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर राजीव रंजन को उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार कर एक बार फिर परबत्ता प्रखंड को खासे सुर्खियों में ला दिया है।हालांकि परबत्ता के प्रखंड विकास पदाधिकारी अखिलेश कुमार द्वारा दो युवकों पर थप्पड और लाठियां बरसाए जाने के मामले में त्वरित कदम उठाते हुए जिलाधिकारी डॉक्टर आलोक रंजन ने चार सदस्यीय जांच टीम का गठन कर जांच का आदेश जारी किया था।

 

जांच में उदंड व्यवहार,स्वेच्छाचारिता तथा अनुशासनहीनता मामले में दोषी पाए जाने के बाद डीएम डॉक्टर आलोक रंजन घोष ने प्रपत्र'क'गठित कर ग्रामीण विकास विभाग,पटना को पत्र भेजते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा भी कर दी थी।लेकिन कार्रवाई के मामले में अभी तक फलाफल शून्य है।दोषी पाए गए परबत्ता के लाठीबाज बीडीओ के विरुद्ध ग्रामीण विकास विभाग द्वारा विधिसम्मत कार्रवाई की भी जाएगी या नहीं,यह तो देखने वाली बात होगी!लेकिन शराब के नशे में गिरफ्तार किए गए परबत्ता सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर राजीव रंजन की गिरफ्तारी के बाद लोगों के मुंह से यह बरबस निकलने लगा है कि, लाठीबाज बीडीओ के प्रखंड में चिकित्सा प्रभारी निकले दारुबाज।

बात अगर चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर राजीव रंजन की करें,तो बिहार में भले ही शराबबंदी लागू हो,लेकिन चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजीव रंजन शराब पीने से बाज नहीं आते थे।नित्य दिन शराब पीना उनकी आदतों में शुमार रहा है।वैसे कह सकते हैं कि,जिनके जरिए डॉक्टर राजीव रंजन तक शराब पहुंचती थी,उसने ही इस बात की शिकायत विभागीय पदाधिकारियों के साथ-साथ प्रशासनिक पदाधिकारियों से कर दी।अन्य दिनों की तरह आज एक बार फिर डॉक्टर राजीव रंजन द्वारा अस्पताल परिसर स्थित आवास में शराब पीने की शिकायत वरीय पदाधिकारियों तक पहुंची और शराब के नशे में धूत होकर आवास में सोए परबत्ता सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर राजीव रंजन को गिरफ्तार कर लिया गया।प्रशिक्षु दारोगा रौशन प्रसाद तथा एसआई पंचम राही द्वारा डॉ राजीव रंजन को गुरुवार की शाम उनके आवास से शराब के नशे में गिरफ्तार कर थाना लाया गया है।मामले की पुष्टि करते हुए थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार पाल ने कहा कि,वरीय अधिकारियों के आदेशानुसार परबत्ता सीएचसी के प्रभारी आवास में छापेमारी की गई।चिकित्सा प्रभारी शराब के नशे में पाए गए और उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद मेडिकल जांच कराई गई।ब्रेथ एनलाइजर से जांच के दौरान रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।बहरहाल,स्वास्थ्य विभाग के इस पदाधिकारी के रवैये को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा तो हो ही रही है,लोग यह भी कहते नजर आ रहे हैं कि,जहां का लाठीबाज हो बीडीओ,वहां का चिकित्सा पदाधिकारी आखिर क्यों न हो दारुबाज!!