संवाददाता

खगड़िया।खगड़िया अंचल के अंचलाधिकारी द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव की उपलब्धता कराने के नाम पर टालमटोल रवैया अपनाना लोगों को रास नहीं आ रहा है। बाढ़ के पानी में तैर कर या जुगाड़ तकनीक के सहारे एनएच 31पर पहुंच रहे लोगों का कहना है कि,नाव की उपलब्धता नहीं कराए जाने के कारण बाढ़ प्रभावित लोग जैसे-तैसे गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।लेकिन इस बीच अगर कोई हादसा हो जाय,तो फिर जिम्मेवारी लेगा आखिर कौन!

दरअसल,गंगा और बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण खगड़िया नगर परिषद के वार्ड नं-26 और 24 में दर्जनों घर पानी के चपेट में आ गए हैं।स्थिति यह है कि,गंडक के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है अघोरी स्थान परिसर में भी पानी प्रवेश कर गया है।निर्वतमान वार्ड पार्षद रणवीर कुमार ने कहा कि,वार्ड नंबर 24 स्थित दस घर में बाढ़ का पानी आ जाने से अघोरी स्थान से सटे रिंग बांध पर सभी बाढ़ पीड़ित परिवार शरण लिए हुए हैं।रिंग बांध पर ही प्लास्टिक टांग कर किसी तरह रह रहे हैं।उन्होंने कहा कि,वार्ड नंबर 26 में भी तेरह चौदह घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।उन लोगों को या तैर कर या जुगाड़ के सहारे ट्यूब पर चढ़ कर एनएच 31पर आना पड़ता है।

ऐसे में कभी भी ट्यूब के पलटने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ज्यादा परेशानी उन लोगों को है, जिनके बच्चे स्कूल जाते हैं।स्कूल में परीक्षा चल रहा है। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चे ट्यूब से बने जुगाड़ पर स्कूल जाते हैं।दूसरी तरफ वार्ड नंबर 26 की निवर्तमान वार्ड पार्षद बबीता देवी द्वारा खगड़िया अंचलाधिकारी से नाव की मांग की गई,लेकिन अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं की गई है।

उन्होंने कहा है कि,नाव उपलब्ध नहीं कराया जाता है,तो कभी भी बड़ी घटना हो सकती है।रहीमपुर मध्य के चम्मन टोला की भी कमोवेश यही स्थिति है।

मुखिया के द्वारा राजस्व कर्मचारी को नाव उपलब्ध कराने के लिए बोला जा रहा है।राजस्व कर्मचारी अंचल अधिकारी को नाव उपलब्ध कराने की बात कर रहे हैं,लेकिन अंचल अधिकारी टाल मटोल कर रहे हैं।