खगड़िया प्रवीण कुमार प्रियांशु)।

 

नीतीश सरकार द्वारा बिहार को शराबमुक्त बनाने के लिए तमाम तरह के जतन किए जा रहे हैं।बिहार के मुखिया नीतीश कुमार समाज सुधार अभियान के तहत यात्रा पर निकले हैं।पुलिस पदाधिकारियों सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों के लगातार क्लास लिए जा रहे हैं।लेकिन शराब के नाम पर पुलिस द्वारा किस तरह खेला किया जाता है,उसकी एक बानगी देखिए।हालांकि बिहार में इस तरह का मामला पहली बार सामने नहीं आया है।रह-रहकर इस तरह की खबरें आती रहती है।लेकिन अगर खगड़िया जिले के गोगरी थाना पुलिस की बात करें तो, गोगरी थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक महेश शर्मा द्वारा बीते शनिवार अर्थात 25 दिसम्बर को 22:15 बजे गृह रक्षक गरीब प्रसाद यादव, विजय कुमार यादव,राजीव कुमार ठाकुर,सशस्त्र बल के जवान विभूति पंडित के साथ कांग्रेस सिंह नामक शराब कारोबारी को महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया गया।लेकिन मिल रही जानकारी के अनुसार थाना लाने के बाद उसे मुक्त कर दिया गया जबकि महेश शर्मा द्वारा लिखित एआईआर में कहा गया है कि,सरकारी वाहन से रात्रि गस्ती,आसूचना संकलन, अवैध शराब कारोबारी एवं फरारियों के विरुद्ध छापामारी हेतु थाना से प्रस्थान किया। दिनांक 26-12-2021 को समय लगभग 3:33 बजे प्रातः में ग्राम उसरी के पास भ्रमणसील था।उसी क्रम में गुप्त सूचना मिली कि ग्राम पितौंझिया रोड नंबर-14 निवासी स्वर्गीय सहदेव सिंह के पुत्र कांग्रेस सिंह द्वारा रोड नंबर 14 अवस्थित बासा में शराब का कारोबार करता है।उक्त सूचना का सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु साथ के सशस्त्र बल को लेकर लगभग 4:00 बजे ग्राम पितौंझिया स्थित रोड नंबर 14 में अवस्थित कांग्रेस सिंह के बासा के पास पहुंचा।जहां पुलिस बल को देखकर एक व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगे।जिसे साथ के सशस्त्र बल के सहयोग से अपने अभिरक्षा में लिया।नाम पता पूछने पर अपना नाम कांग्रेस सिंह उम्र- 79 वर्ष पिता स्वर्गीय-बालदेव सिंह बताया।भागने का प्रयास करने के बारे में पूछने पर विभिन्न तरह का बहाना बनाने लगा।तत्पश्चात तलाशी लेने हेतु स्वतंत्र साक्षी का खोजबीन किया,परंतु रात्रि एवं अंधेरा रहने के कारण कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं मिले।ऐसी परिस्थिति में साथ के गृहरक्षक गरीब प्रसाद यादव व विजय कुमार यादव के समक्ष तलाशी नियमों का पालन करते हुए तलाशी लेना प्रारंभ किया,तो कांग्रेस सिंह के बांस-फूस से बने बासा से सटे पीछे दक्षिण तरफ में जलकुंभी से ढ़क कर रखा एक 5 लीटर का प्लास्टिक के गैलन एवं एक प्लास्टिक का 2 लीटर वाला पानी का बोतल पाया गया।जिसके ढ़क्कन खोलने पर चुलाई शराब जैसा गंध आता हुआ मिला।लगभग 7 लीटर चुलाई शराब की बरामदगी हुई।बरामद कुल 7 लीटर चुलाई शराब को विधिवत तलाशी सह जप्ती सूची बनाकर एवं जप्त सूची पर दोनों साक्षियों ने स्वेच्छा पूर्वक अपना अपना हस्ताक्षर बना दिया।जब्ती सूची की एक प्रति अभिरक्षा में कांग्रेस सिंह को हस्तगत कराया।इस प्रकार पूरे बिहार राज्य में शराब का निर्माण एवं भंडारण क्रय-विक्रय परिवहन करना बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम 2018 की धारा 30a के तहत एक संज्ञेय अपराध मानते हुए अतएव अभिरक्षा में लिए कांग्रेसी उम्र-79 वर्ष पिता-स्वर्गीय बालदेव सिंह को आरोपित करते हुए विधिवत गिरफ्तार किया गया।ऐसा गोगरी थाना के सहायक अवर निरीक्षक महेश शर्मा द्वारा लिखित आवेदन देकर गोगरी थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार से अनुरोध किया गया कि इस संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।लेकिन एआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस गिरफ्त में आए शराब कारोबारी को मुक्त कर दिया गया।इधर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार का कहना है कि, वरीय अधिकारी के आदेश पर कांग्रेस सिंह को छोड़ा गया है।मामले की जांच की जा रही है।सच्चाई सामने आने पर पुनः उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।अभी उसे पैरोल पर छोड़ा गया है। बहरहाल, बात में कितनी सच्चाई है,यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा!लेकिन इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।कह सकते हैं कि,जितनी मुंह, उतनी बातें हो रही है।