खगड़िया।

   

जिले के अलौली प्रखंड अंतर्गत हरिपुर बिजली ग्रिड से जुड़े नए उपभोक्ताओं से लाईनमैन और आरआरएफ सहित अन्य दलालों द्वारा बिजली मीटर लगाने के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत मिली है।मिल रही जानकारी के अनुसार एक नया मीटर लगाने के एवज में 2-3 हजार रुपए की मांग की जाती है।इंकार करने पर मीटर नहीं लगाया जाता है।स्थिति यह है कि पूर्व में रसीद कटा चुके लोगों के घर भी आज तक मीटर नहीं लगाया गया है।दूसरी तरफ नये सिरे से मीटर लगाने या फिर शुद्धिकरण के नाम पर 3-5 हजार की राशि मांगी जाती है।बावजूद इसके विद्युत अभियंता अंजान बन रहे हैं।

अन्य मामलों को फिलवक्त दरकिनार कर अगर ताजा मामले की बात करें तो प्रखंड क्षेत्र के शुम्भा पंचायत अंतर्गत वार्ड-13 निवासी आनंदी ठाकुर के पुत्र अनिल ठाकुर से बीते 17-06-2019 को नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन को०लि० द्वारा 2,000 रुपए लिया गया।लेकिन रसीद 1072 रुपए का ही दिया गया।बिडम्बना देखिए आज तक उनके घर मीटर नहीं लगा।बार-बार बिजली विभाग के कर्मचारियों से मीटर लगाने के लिए गुहार लगाए जाने के बाद कहा गया कि नये सिरे से अप्लाई कीजिए या फिर उसकी शुद्धि के लिए 3 हजार की राशि दीजिए तो मीटर लग जायेगा।

थक-हार कर उन्होंने शुद्धि कराने के बजाय पुनः अप्लाई किया।जिसके एवज में मीटर लगवाने के लिए 2 हजार की राशि मांगी गई।हालांकि 1 हजार की राशि देने पर मीटर लगा तो दिया गया,लेकिन शेष 1 हजार के लिए बराबर डिमांड किया जाता रहा।नहीं देने पर ना केवल मीटर खोल लिया गया,अपितु कनेक्शन भी काट दिया गया।बता दें कि मीटर लगवाने के लिए अप्लाई करने पर उपभोक्ताओं के मोबाईल नम्बर पर एक मैसेज आता है,जिसमें साफ लिखा रहता है कि प्रिय आवेदक नए बिजली कनेक्शन हेतु आपका निवेदन संख्या 52238654426 है।इस संबंध में आपको किसी को किसी भी तरह से भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है।कनेक्शन के लिए आवश्यक राशि आपके पहले बिल में जोड़ी जाएगी-NBPDCL।

इतना के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा लूट-खसोट क्यों किया जा रहा है,यह तो विभाग ही जाने।फिलहाल हर जगह से थक हार कर अनिल ठाकुर ने लोक शिकायत का सहारा लिया है,जिसकी अनन्य संख्या- 99999010108223226 9 है।अब देखना दिलचस्प होगा कि अनिल ठाकुर को आखिर कब तक बिजली कनेक्शन मिल पाता है!बहरहाल,बिजली कनेक्शन काट दिए जाने के वजह से उनकी दुकानदारी बंद हो गई है और जीविकोपार्जन पर भी असर पड़ा हुआ है।

प्रवीण कुमार प्रियांशु की रिपोर्ट