रेशु रंजन/खगड़िया
लगातार तीन दिनों तक हुई भीषण बारिश के कारण जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत कुल्हड़िया गांव स्थित शर्मा टोला के एक दर्जन से अधिक परिवारों का घर जलमग्न हो गया है।गांव के मंजेश कुमार और दिल रंजन ने बताया कि कुल्हड़िया गांव के वार्ड नम्बर छह में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का पानी एक दर्जन से अधिक घरों में प्रवेश कर गया है।जिससे लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है।उन्होंने कहा कि कुल्हड़िया गांव के वार्ड नम्बर छह में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण वर्षा का पानी वर्षा खत्म होने के बावजूद भी एक-दो दिनों तक घरों में जमा रहता है।जिससे लोगों में विभिन्न प्रकार की बीमारियां भी उत्पन्न होने लगती है।
कुल्हड़िया गांव स्थित वार्ड नम्बर छह के छात्र-छात्राओं को पानी होकर पढ़ने के लिए गुजरना पड़ता है।बावजूद इसके अभी तक किसी भी स्थानीय जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक पदाधिकारियों की नजर यहां की समस्या पर नहीं पड़ी है।
खगड़िया
भारी बारिश के कारण एक दर्जन परिवारों का घर हुआ जलमग्न, जल निकासी की व्यवस्था नहीं रहने के कारण लोग हैं परेशान
रेशु रंजन/खगड़िया लगातार तीन दिनों तक हुई भीषण बारिश के कारण जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत कुल्हड़िया गांव स्थित शर्मा टोला के एक दर्जन से अधिक परिवारों का घर जलमग्न हो गया है।गांव के मंजेश कुमार और दिल रंजन ने बताया कि कुल्हड़िया गांव के वार्ड नम्बर छह में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का पानी एक दर्जन से अधिक घरों में प्रवेश कर गया है।जिसस


लगातार तीन दिनों तक हुई भीषण बारिश के कारण जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत कुल्हड़िया गांव स्थित शर्मा टोला के एक दर्जन से अधिक परिवारों का घर जलमग्न हो गया है।गांव के मंजेश कुमार और दिल रंजन ने बताया कि कुल्हड़िया गांव के वार्ड नम्बर छह में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का पानी एक दर्जन से अधिक घरों में प्रवेश कर गया है।जिससे लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है।उन्होंने कहा कि कुल्हड़िया गांव के वार्ड नम्बर छह में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण वर्षा का पानी वर्षा खत्म होने के बावजूद भी एक-दो दिनों तक घरों में जमा रहता है।जिससे लोगों में विभिन्न प्रकार की बीमारियां भी उत्पन्न होने लगती है।
कुल्हड़िया गांव स्थित वार्ड नम्बर छह के छात्र-छात्राओं को पानी होकर पढ़ने के लिए गुजरना पड़ता है।बावजूद इसके अभी तक किसी भी स्थानीय जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक पदाधिकारियों की नजर यहां की समस्या पर नहीं पड़ी है।
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