राजेश सिन्हा

कोरोना के कहर पर अंकुश लगाने के बाबत तमाम प्रशासनिक कवायद चरम पर है।डीएम डॉक्टर आलोक रंजन घोष के दिशा-निर्देश पर सरकारी गाइड लाइंस का पालन तो कराया जा ही रहा है,तमाम लोगों को वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।इसी कड़ी में आज शुक्रवार अर्थात 21मई को खगड़िया जेल में बंद 18 से 44 वर्ष आयु-वर्ग के कैदियों को कोविड का टीका दिया गया।कोविड महामारी के दूसरे चरण में संक्रमित व्यक्तियों पर घातक असर को देखते हुए जिलाधिकारी डॉक्टर आलोक रंजन घोष के निर्देशानुसार टीकाकरण कराया गया है।

बता दें कि बीते 19 मई को स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव प्रत्यय अमृत के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दर्शाते हुए 18 से 44 वर्ष आयु-वर्ग के कैदियों के टीकाकरण का प्रस्ताव रखा था,जिस पर विभाग ने सहमति व्यक्त करते हुए उनके टीकाकरण को ले स्लॉट बुकिंग का तरीका बताया था।

विभागीय सहमति के बाद खगड़िया जेल अधीक्षक विपिन कुमार की मौजूदगी में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी देवनंदन पासवान के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के दल ने ऑफलाइन मॉड में टीकाकरण सत्र स्थल सृजित कर 18 से 44 वर्ष आयु-वर्ग के कैदियों का टीकाकरण संपन्न कराया।जानकारी के मुताबिक आज 400 कैदियों को कोविड टीका कोविशील्ड की पहली खुराक दी गई।शेष बचे 288 कैदियों को कल अर्थात शनिवार को कोविशील्ड की पहली खुराक दी जाएगी।बताया गया कि कैदियों को उनके कैदी पहचान पत्र संख्या के आधार पर टीका दिया गया। इस कार्य हेतु स्वास्थ्य विभाग के 6 एएनएम एवं 3 कंप्यूटर डाटा एंट्री ऑपरेटर को लगाया गया था।

इससे पहले 45 वर्ष से अधिक आयु-वर्ग के कैदियों को अप्रैल माह में कोविड टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है।यह भी बताया गया कि टीकाकरण से जेल में बंद कैदियों के बीच कोविड महामारी के जोखिम से निबटने में मदद मिलेगी और संक्रमण का खतरा न्यूनतम हो सकेगा।