संवाददाता

 

खगड़िया।मक्के की खेती मे अत्यधिक उर्वरक की खपत होती है।लेकिन इस तथ्य की जानकारी न ही राज्य सरकार को है और न ही केन्द्र सरकार को।इन तमाम सवालों को संज्ञान में लाने और बिहार को अत्यधिक उर्वरक दिलाने की मांग को लेकर वह भारत सरकार के कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के पास पहुंच गए हैं।उक्त बातें किसान नेता धीरेंद्र सिंह टुडू ने पत्रकारों को वाट्सऐप मैसेज कर कही।

भारत सरकार के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह जी से मिलने दिल्ली पहुंचे बिहार किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह टुडू ने मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को बताया कि,बिहार मक्का उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है।बावजूद इसके केन्द्र सरकार द्वारा उर्वरक मामले में 35% की कटौती गई है।जबकि बिहार के 20 जिलों के 90 लाख हेक्टेयर जनीन पर मुख्य फसल रब्बी के रुप में मक्के की खेती होती है। मक्के की खेती वाले इलाकों में उर्वरक की ज्यादा जरुरत है।किसान नेता श्री टुडू ने कृषि मंत्री के समक्ष यह भी कहा है कि,राज्य सरकार केन्द्र को मक्का निर्यात का प्रस्ताव नहीं भेजती है।नतीजतन किसान कम कीमत में बिचोलियों के हाथों मक्का बेच देते हैं।इसलिए केन्द्र सरकार मक्का प्राधिकरण बोर्ड का गठन कर बिहार में सरकारी स्तर पर मक्के की खरीद सुनिश्चित करे।इतना ही नहीं, बिहार में सरकारी मंडी की भी व्यवस्था करे।उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर कानून बनाने की भी मांग की और भारत सरकार के कृषि मंत्री के समक्ष अपने मांग पत्र को रखा है।श्री टुडू का कहना है कि,मंत्री जी द्वारा मांगों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संज्ञान लिया गया है।जल्द ही बिहार के किसानों को इसका लाभ मिलने वाला है।