राजेश सिन्हा की रिपोर्ट

खगड़िया जिले के गोगरी नगर परिषद भवन में अवैधानिक तरीके से पूर्व में लगाए गए उद्घाटन के शिलापट्ट को हटाया जाना चर्चा का विषय बन गया है।अवैधानिक तरीके से लगाए गए उद्घाटन शिलापट्ट को प्रोटोकॉल के तहत हटाकर शनिवार को नया शिलापट लगाए जाने के बाद से परबत्ता विधान सभा क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।इस शिलापट के लगने के साथ ही परबत्ता विधायक डॉक्टर संजीव कुमार एवं उनके पिता पूर्व विधायक रामानंद प्रसाद सिंह द्वारा विधानसभा क्षेत्र में बीते 15 वर्षों में बनाए गए आतंक के तिलस्म के टूटने की बात भी फिजां में दौर रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अपने क्षेत्र में खुद को मुख्यमंत्री और सांसद से बड़ा समझने वाले विधायक एवं पूर्व विधायक के मंसूबों पर पानी फिर गया है।

सांसद चौधरी महबूब अली कैसर की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शिलापट्ट बदला गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक पिता-पुत्र के मंसूबों को इस बार मुंह की खानी पड़ी है।स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि परबत्ता में बीते 15 वर्षों से 'बाप-बेटा पंच और बैल का दाम 3 रुपये' जैसी कहावत लगातार चरितार्थ हो रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अमूमन सभी सरकारी योजनाएं,चाहे वह राज्य के द्वारा संचालित हो अथवा केंद्र द्वारा संचालित हो,सभी योजनाओं के शिलान्यास या उद्घाटन में इन दोनों पिता-पुत्र के अलावा किसी और के नाम का शिलापट लगाया जाना इन्हें गंवारा नहीं होता है।लेकिन शनिवार को राजधानी पटना से आए दिशा-निर्देश के आधार पर गोगरी नगर परिषद भवन में लगाया गया शिलापट,जिसमें पिता पुत्र का भी नाम था,को हटाकर प्रोटोकॉल के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उद्घाटन किए जाने का शिलापट्ट लगाया गया है।जिसमें सांसद से लेकर विधान परिषद सदस्यों का नाम भी अंकित है।जानकारों का यह भी कहना है कि परबत्ता विधानसभा में जिन योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पटना से रिमोट कंट्रोल के द्वारा किया जाता है,या सामूहिक तौर पर पूरे बिहार के संदर्भ में किया जाता है,उन योजनाओं के शिलान्यास के शिलापट पर मुख्यमंत्री का भी नाम गायब रहता है।

अब तक ऐसे शिलापट्ट को किसी कोने में रख दिया जाता था और उसके बदले पिता-पुत्र के नाम का शिलापट लगा दिया जाता था।लेकिन गोगरी नगर परिषद भवन में इस बदलाव के साथ अब मांग उठने लगी है कि पावर सब स्टेशन से लेकर आई टीआई कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज,प्रखंड मुख्यालय स्थित आई टी भवन आदि योजनाओं में भी प्रोटोकॉल के हिसाब से शिलापट लगाया जाय।स्थानीय लोगों की मांगें पूरी होगी अथवा नहीं!यह तो देखने वाली बात होगी।लेकिन परबत्ता के विधायक डॉक्टर संजीब कुमार द्वारा खगड़िया के ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कप्तान अमितेश कुमार पर गंभीर तोहमत लगाने के बाद से खगड़िया की राजनीतिक फिजां बदली- बदली नजर आ रही है।स्थानीय लोग भी एसपी अमितेश कुमार के पक्ष में खड़े दिखाई तो दे ही रहे हैं,विधायक पिता-पुत्र को कोसने से बाज भी नहीं आ रहे हैं।हालांकि यह पहला मौका नहीं होगा,जब पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक को सदमा लगा हो।ईद के मौके पर भी पिता-पुत्र को बड़ा झटका लगने की बात बताई जा रही है।कह सकते हैं कि खगड़िया के सांसद चौधरी महबूब अली कैसर और बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री राकेश कुमार उर्फ सम्राट चौधरी के बीच की खास मुलाकात पर इलाके में कयासबाजियों का दौर जारी है।वैसे भी बकरीद पर्व के मौके पर दावत और मुबारकबाद के दौर के साथ-साथ सियासत के भी नए रंग रुप दिखाई दिए थे।सूबे के पंचायती राज मंत्री सह भाजपा के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी जब पर्व का मुबारकबाद देने खगड़िया के सांसद चौधरी महबूब अली कैशर के पटना स्थित आवास पर पहुंचे और वहां जिस गर्मजोशी से दोनों नेताओं ने एक दूसरे के साथ जिस तरह गले मिलकर एक दूसरे को बधाई दी थी,उससे यह स्पष्ट संकेत मिला था कि खगड़िया की राजनीति के पर्याय बन चुके इन दोनों नेताओं का आपसी सौहार्द आने वाले समय में खगड़िया के विकास की नई इबारत लिखेगा।करीबी सूत्रों के मुताबिक अपने आवास पर खगड़िया सांसद ने पंचायती राज मंत्री का बड़ी ही गर्मजोशी से इस्तकबाल किया और कहा कि वह जानते हैं कि सम्राट चौधरी की आत्मा खगड़िया में बसती है।

जन्म से भले ही सम्राट चौधरी अंगपुत्र हैं, लेकिन श्री चौधरी की कर्म भूमि खगड़िया ही रही है।सांसद ने यह भी कहा था कि खगड़िया के विकास में उनका सहयोग सदैव मिलता रहा है और आगे भी यकीकन मिलता रहेगा,ऐसा उनका विश्वास है।मौके पर पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने भी सांसद को आश्वस्त करते हुए कहा था कि जिस तरह देश और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है,वैसे ही खगड़िया में भी हम लोग डबल इंजन वाला विकास मिलजुल कर करेंगे। सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी मिली कि इस खास मौके पर मुंगेर जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष रवींद्र सिंह "कुल्लू" और भाजपा ओ बी सी मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता संजय खंडेलिया भी मौजूद थे।बहरहाल, खगड़िया की राजनीति कौन सी करवट लेगी,इस पर तमाम लोगों की नजरें हैं।।