खगड़िया(गौरव सिन्हा)।

     

मानसी के अंचलाधिकारी पद पर जब से प्रभात कुमार विराजमान हुए हैं,तब से वह अंचलाधिकारी पद की गरिमा को तार-तार करते आ रहे हैं।अंचलाधिकारी पद को लगातार कलंकित करते आ रहे प्रभात कुमार के विरुद्ध आखिरकार कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है,यह सवाल अब लोगों के दिलों में कौंधने लगा है।उक्त बातें जन अधिकार युवा परिषद के जिलाध्यक्ष अभय कुमार गुड्डू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही है।उन्होंने कहा है कि,मानसी अंचल कार्यालय के स्थापना काल के बीस वर्षों में आज तक ऐसा संवेदनहीन सीओ कभी भी मानसी को नहीं मिला।उन्होंने अंचलाधिकारी प्रभात कुमार की जन विरोधी कार्यशैली को रेखांकित करते हुए कहा है कि,कोई भी फरियादी जब फरियाद लेकर अंचल अधिकारी के कार्यालय में जाता है,तो अंचलाधिकारी प्रभात कुमार द्वारा फरियादियों के साथ इस कदर अशोभनीय व्यवहार किया जाता है कि,मानो फरियादी अंचल अधिकारी से उनका वेतन मांगने चला आया हो। पत्रकार हों या जनप्रतिनिधिगण या फिर कोई आमलोग,सबके साथ वर्तमान अंचल अधिकारी प्रभात कुमार द्वारा न केवल अमर्यादित व्यवहार किया जाता है,बल्कि खुलेआम गाली-गलौज कर अंचलाधिकारी पद को कलंकित भी किया जाता है।

जिलाध्यक्ष न कहा है कि, आज शुक्रवार को भी आवेदन लेकर अंचल कार्यालय पहुंचे फरियादियों के साथ भी वह जानवरों जैसा सलूक करने लगे।अंचलाधिकारी प्रभात कुमार ने फरियादी की माँ-बहन को बेधड़क गाली देना शुरु कर दिया।स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि,अंचल कार्यालय के कर्मचारी सहित आमलोग भी सीओ के इस रवैये को देखकर दंग रह गए। सीओ अपनी मानसिक स्थिति इस कदर खो चुके थे कि, अपनी कुर्सी को छोड़कर आवेदक को धक्का मारकर अंचल से बाहर का रास्ता दिखा दिया।श्री गुड्डू ने कहा है कि,पूर्व में भी सीओ से एक पत्रकार द्वारा जनहित से जुड़ा सवाल पूछने पर सीओ ने उक्त पत्रकार के मोबाइल पर इतनी भद्दी-भद्दी गालियां दी थी कि, शायद किसी सरकारी चपरासी को भी कोई व्यक्ति वैसी गाली दे देता,तो प्रशासन बिना कुछ देखे-सुने गाली बकने वाले को जेल की सलाखों के पीछे भेज देती। सीओ के उक्त काली करतूतों का रिकार्डिंग सबने सुना।लेकिन दुर्भाग्य की बात तो यह है कि,पत्रकार द्वारा तमाम अधिकारी के पास शिकायत किए जाने के बाद भी सीओ के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।शायद सीओ को वरीय अधिकारी द्वारा और भी ज्यादा गाली-गलौज करने की ताकत मिली हुई है।यही कारण है कि,सीओ रोज किसी न किसी को खुलेआम गाली-गलौज करते आ रहे हैं।उन्होंने कहा है कि,यह दुर्भाग्य नहीं तो और क्या है? ऐसे-ऐसे दर्जनों उदाहरण है,जहां सीओ यह भूल बैठे कि,वह हिटलर नहीं बल्कि जनता के नौकर हैं। जनता की समस्याओं का विधिवत समाधान करना उनका कर्तव्य है।

श्री गुड्डू ने जिला पदाधिकारी से सवाल करते हुए पूछा है कि,महोदय! आखिर मानसीवासी ने कौन सा गुनाह कर दिया है,जो आप अपने अधीनस्थ अधिकारी से खुलेआम लोगों की माँ-बहन को गाली सुनवाते हैं। यदि कोई गुनाह किया है,तो आप आदेश करें। मानसी के सैंकड़ो बेगुनाह लोग आपके द्वारा दी जाने वाली सजा भुगतने को तैयार हैं।यदि कोई गुनाह नहीं किया है,तो अविलंब ऐसे कर्त्तव्यहीन अंचलाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए सीओ को पद से मुक्त करें।यदि समय रहते सीओ के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गयी,तो आमजनों के बीच अंचलाधिकारी के रवैया से तेजी के साथ बढ़ रहा आक्रोश ज्वालामुखी बन कर विस्फोट करेगा और उसकी संपूर्ण जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होगी।