प्रवीण कुमार प्रियांशु

आए दिन आम जनता को वाहन जांच के नाम पर पुलिस द्वारा तंग तबाह किया जा रहा है।चौक-चौराहे पर बैठकर पुलिस लोगों का भयादोहन करने में लगी रहती है।जबकि अगर तमाम सरकारी गाड़ियां बिना जांच के ही सड़कों पर दौड़ रही है।उक्त बातें वीआईपी पार्टी के छात्र संघ खगड़िया जिलाध्यक्ष राजकिशोर चौधरी ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कही।उन्होंने इस संदर्भ में खगड़िया जिले के परिवहन पदाधिकारी को प्रेषित पत्र दिखाते हुए कहा कि वाहन जांच के नाम पर आम लोगों को तंग-तबाह किया जाता है।जुर्माने के नाम पर अवैध रुप से वसूली की जाती है। श्री चौधरी के मुताबिक ऐसा लगता है कि पुलिस प्रशासन के पास बस यही एक काम रह गया है,और किसी भी समस्या से कोई लेना-देना नहीं है।जांच के नाम पर वाहन पकड़कर थाना भेज दिया जाता है।कोरोना काल में एक तरफ लोगों का रोजगार चला गया है,तो वहीं सरकारी खजाना भरने के लिए स्पेशल नियम कानून गरीबों के लिए बना दिया गया है।श्री चौधरी के मुताबिक आम लोगों को हर बार छला जाता है।श्री चौधरी ने साफ तौर पर कहा कि यदि जांच ही होती है,तो डीटीओ आफिस के सभी वाहनों के साथ-साथ नगर निगम के सभी वाहन व जिला प्रशासन के सभी वाहनों की भी जांच होनी चाहिए।इससे सरकार को सरकार द्वारा भी पैसा जाते दिखेगा।राजस्व वसूली के नाम पर आम लोगों को ही क्यों लक्ष्य बनाया जा रहा है।छात्र संघ जिलाध्यक्ष ने कहा कि अधिकांश सरकारी गाड़ियों का प्रदूषण, फिटनेस, रजिस्ट्रेशन फेल है।लेकिन टारगेट सिर्फ आम जनता को किया जा रहा है।इससे साफ जाहिर होता है,कि सरकार के द्वारा सिर्फ आम जनता को ही परेशान करने के लिए पदाधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है।जबकि दूसरे विभाग में थोड़ी राहत है।दूसरे विभाग भी यदि इसी तरह का खेला किया जाएगा,तो उसके खिलाफ भी वह लोग आवाज बुलंद करेंगे।उन्होंने आम जनता से भी गोलबंद होने की अपील करते हुए कहा कि एक निश्चित तारीख तय कर डीटीओ आफिस पहुंचे।इससे सभी व्यक्ति सवाल जबाब भी कर सकेंगे।सरकार के हरेक बेहतर नियम में आम जनता साथ हैं।लेकिन दो तरफा कानून के खिलाफ सभी लोग हैं। उन्होंने इस तरह की हरकत का करारा विरोध किया और कहा कि अगर वाहन जांच के नाम पर पुलिसिया खेल बंद नहीं हुआ,तो आंदोलन होगा लेकिन दो तरफा कानून चलने नहीं दिया जाएगा। आक्रोशित जिलाध्यक्ष ने कहा कि वीआईपी पार्टी खगड़िया के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय हो चुके हैं।उन्होंने यह भी कहा कि यह बताना जरुरी है कि सरकारी आदेश के मुताबिक दिसम्बर तक कोई चालान नहीं लगेगा।चाहे वाहन बीमा का समय समाप्त हो,या ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि खत्म हो गई हो।यहां तक कि फिटनेस नहीं हो,तो भी चालान नहीं किया जा सकता है।बावजूद इसके पैसा कमाने का तरीका पुलिस द्वारा इजाद कर लिया गया है।उन्होंने कहा कि यह कहने में कहीं संकोच नहीं है कि वाहन चालकों से अवैध रुपए की वसूली के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा इस तरह का खेला किया जा रहा है।