राजेश सिन्हा की रिपोर्ट कहते हैं कि पॉवर,पैसे और पैरवी की सनक में जब किसी शख्स का अत्याचार चरम पर पहुंच जाता है तो आम जनता की हाय ऐसे शख्सियत को लगने ही लगती है,आम जनता द्वारा जुल्मी शख्स के पतन की पटकथा भी लिखी जाने लगती है।कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है खगड़िया जिले के परबत्ता विधानसभा क्षेत्र में।लगभग पन्द्रह वर्षों तक आम जनता के नाम अत्याचार की कहानी लिखते आ रहे पूर्व विधायक रामानंद सिंह(आरएन सिंह) तथा वर्तमान विधायक डॉक्टर संजीब कुमार से आम जनता इस कदर नाराज हो चुकी है,कि रोज पोल पट्टी खोलने लगी है।

परबत्ता विस में राजनीति आखिरकार कौन सी करवट लेगी,फिलवक्त यह कहना तो जल्दबाजी होगी।लेकिन खगड़िया के इमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कप्तान अमितेश कुमार पर गंभीर तोहमत लगाने के बाद से विधायक डॉक्टर संजीब बुरी तरह फंस चुके हैं।आम जनता भले ही खुले तौर पर बहुत कुछ कहने से परहेज कर रही हो,लेकिन दबंग विधायक डॉक्टर संजीब कुमार और पिता-पुत्र के शह पर आम जनता को गुलाम समझने वालों की काली करतूत रोज खोल रही है।

 

कह सकते हैं कि दबंग पिता-पुत्र को कोसने के मामले में आम जनता कंजूसी नहीं कर रही है।अन्य मामलों को कुछ देर के लिए दरकिनार कर अगर हाल के दिनों की बात की जाय तो गोगरी नगर परिषद भवन में अवैधानिक तरीके से उद्घाटन का बोर्ड लगाए जाने का मामला अभी ठंढ़ा भी नहीं पड़ा था कि गोगरी नगर परिषद की अध्यक्षा श्रीमति शशिकला देवी के पुत्र कुमार रवि के विरुद्ध एक गंभीर आरोप लगाकर सामाजिक कार्यों से सरोकार रखने वाले दून बहादुर दास ने तहलका मचा दिया है।दरअसल खगड़िया जिले के गोगरी थाना अंतर्गत छोटी चक वार्ड नंबर 12 गोगरी निवासी दून बहादुर दास ने खगड़िया के सांसद चौधरी महबूब अली कैसर को लिखे पत्र में गोगरी नगर परिषद की अध्यक्ष शशि कला देवी के पुत्र कुमार रवि के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने आम रास्ते को बंद कर जबरन कब्जा जमा लिया है। सांसद चौधरी महबूब अली कैसर को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि गोगरी की नगर अध्यक्षा श्रीमति देवी के पुत्र (छोटी चक वार्ड नंबर 12 निवासी) द्वारा पीएनबी बैंक के आगे व पश्चिम दिशा में तकरीबन 40 फीट सरकारी जमीन को अतिक्रमित कर न केवल दीवार और चदरा का शेड गिरा दिया गया है,बल्कि आम रास्ते को अवरुद्ध भी कर दिया है।बताया जा रहा है कि उक्त अतिक्रमित भू-भाग की मापी गोगरी के अंचलाधिकारी द्वारा करायी गई थी और दीवार पर लाल निशान भी लगवा दिया गया था।बावजूद आज तक अतिक्रमित भ-ूभाग को खाली नहीं करवाया जाना एक तरह से दबंग का सहयोग ही करना है।मिल रही जानकारी के अनुसार वर्ष 2016-17 में भूमि यादव के मकान के पीछे से होकर पीएनबी बैंक के आगे से पूरब से बने सड़क में मिलाते हुए सड़क निर्माण का टेंडर पास हुआ था।

लेकिन आज तक इस योजना को कार्य रूप नहीं दिया जा सका है।श्री दास ने एमपी से यह भी कहा है कि इस संबंध में श्रीमान ने भी (अपने पत्रांक 73 दिनांक 16 जनवरी 2020 में)अतिक्रमित भू-भाग की लिखित चर्चा की है।इतना ही नहीं,गोगरी के थाना अध्यक्ष ने भी (अपने पत्रांक 88//19 दिनांक 26 / 2 / 2019 में)आम रास्ते को अतिक्रमित कर लिए जाने की लिखित बात कही है। बात अगर गोगरी के अंचलाधिकारी की करें,तो गोगरी के अंचलाधिकारी ने (अपने पत्रांक 672 दिनांक 16 फरवरी 2020 एवं उनके कार्यालय को समर्पित पत्र के ज्ञापांक 151 दिनांक 1 मार्च 2019 के आलोक में)नगर पंचायत का जो नवनिर्मित भवन बनाया जा रहा है,उस रकवा को कुमार रवि के नाम 10 कट्ठा दिखाया है,जो खेद पूर्ण है।बहरहाल,दबंगों के किस्से तो बहुत हैं।

रोज खुलती रहेगी।लेकिन दबंग द्वारा अतिक्रमित की गई जमीन की मापी कराते हुए अतिक्रमण मुक्त कराकर कब तक सड़क निर्णाण कराया जाता है,यह देखना दिलचस्प होगा।