राजेश सिन्हा की रिपोर्ट।

पूर्ण शराबबंदी के बावजूद बिहार में शराब का कारोबार थमता नहीं दिख रहा है।शराबबंदी कानून को धरातल पर पूरी तरह उतारने को ले तमाम तरह का जतन कर रहे बिहार के मुखिया नीतीश कुमार जहां पूरे लाव-लश्कर के साथ समाज सुधार अभियान के तहत सूबे बिहार की यात्रा कर रहे हैं।शराब पीने से होने वाली बीमारियों का हवाला देकर लोगों से शराब नहीं पीने, शराब से तौबा करने की नसीहत देने में लगे हैं वहीं, कभी पुलिस के जवान शराब का कारोबार करने के आरोप में गिरफ्तार किए जा रहे हैं, तो कहीं डॉक्टर शराब का सेवन करने के आरोप में दबोच लिए जा रहे हैं।प्रेमी युगल को भी शराब के साथ गिरफ्तार कर पुलिस अपनी पीठ इतनी थपथपा रही है,मानों आतंकवादियों को दबोच लिया गया हो।कुल मिलाकर कह सकते हैं कि, नीतीश सरकार शराबबंदी कानून को धरातल पर उतारने के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर रही है,वहीं बिहार के लोग शराब से तौबा करने को तैयार नहीं है।अन्य मामलों को दरकिनार कर अगर आज के ताजा मामले पर गौर करें,तो हद ही हो गई।पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में एक नव निर्वाचित वार्ड सदस्य शराब पीकर शराब नहीं पीने की कसम खाने निर्वाची पदाधिकारी सह बीडीओ के समक्ष पहुंच गए।मामला है खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड का।दरअसल,आज गुरुवार को खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड प्रखंड कार्यालय में नव निर्वाचित वार्ड सदस्यों के लिए शपथ ग्रहण का समारोह आयोजित किया गया था।बारी-बारी से सभी वार्ड सदस्यों को शपथ दिलाई जा रही थी।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिशा-निर्देश अनुसार सभी वार्ड सदस्यों को पद की सदस्यता दिलाने के साथ-साथ शराब नहीं पीने की भी शपथ दिलानी थी।

लेकिन यह क्या! वार्ड नंबर 3के वार्ड सदस्य मंजेश कुमार शराब के नशे में धुत्त होकर शराब नहीं पीने की कसमें खाने महफिल में पहुंच गए।ग़नीमत तो महफिल जमाने वाले के विरुद्ध भी हो जाती!लेकिन सौभाग्य कहिए उनका कि,शराब नहीं पीने की शपथ लेने से पहले वार्ड सदस्य का मुंह महक गया और मुंह सूंघने की आदत डाल चुकी पुलिस ने नशेड़ी वार्ड सदस्य मंजित कुमार को दबोच लिया।गोगरी के निर्वाचन पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि, शपथ ग्रहण समारोह में वार्ड सदस्य मंजित कुमार दारु पीकर शराब नहीं पीने की भी शपथ खाने पहुंच गए थे।मुंह से दुर्गंध आते ही गोगरी पुलिस को सूचना दी गई और शराब पीने की पुष्टि होते ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।वार्ड सदस्य मंजित कुमार को मद्य निषेध अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।कानूनी कार्रवाई तो की ही जा रही है, पंचायती राज विभाग से मंतव्य मांगी गई है।दारु के नशे में गिरफ्तार वार्ड सदस्य की सदस्यता भी जा सकती है।अभी तक खबर थी,सो मैं लिखता जा रहा था। अब,जनता से भी पूछ लीजिए,नीतीश जी!