खगड़िया(प्रवीण कुमार प्रियांशु)। पर्व-त्यौहार के बीच अधिकांश अमीर और धनाढ्य लोग अपने-अपने परिवारजनों के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये फूंक देते हैं,लेकिन उनके ही आस-पास के गरीब और जरुरतमंद लोग खुशियां मनाने से वंचित रह जाते हैं।हालांकि समाज में कुछ ऐसे भी लोग होते हैं,जो स्वयं सहित अपने परिजनों के लिए तमाम जतन तो करते हीं हैं, अपने आस-पास रहने वाले लोगों के बीच


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