राजेश सिन्हा बीते दो दिन पूर्व खगड़िया समाहरणालय के समक्ष जनप्रिय पप्पू यादव की रिहाई सहित अन्य मसले को लेकर धरना-प्रदर्शन करने वाले जाप नेताओं के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के सवाल पर बबाल खड़ा हो गया है।आज रविवार अर्थात 17 जुलाई को जिला मुख्यालय के कृष्णापुरी बलुआही स्थित जन अधिकार पार्टी के जिला कार्यालय में बकायदा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर एफआईआर दर्ज किए जाने के मसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आर-पार की लड़ाई का एलान किया गया है। युवा शक्ति के प्रदेश प्रभारी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि दो दिन पूर्व धरना-प्रदर्शन को लेकर जिला प्रशासन की ओर से एफआईआर दर्ज किया जाना बिल्कुल अलोकतांत्रिक है।जिला प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए प्रदेश प्रभारी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा दोहरी नीति अपनाई जा रही है।उन्होंने कहा कि हमारे नेता द्वारा खगड़िया के अनुमंडल कार्यालय में आंदोलन को लेकर आवेदन दिया गया था, जिसकी रिसिविंग भी उनलोगों के पास है।इतना ही नहीं,मौखिक रुप से भी धरना-प्रदर्शन के लिए कहा गया था कि आप लोग करोना गाइडलाइन का पालन करते हुए कार्यक्रम कर सकते हैं।बावजूद इसके धरना के दिन धरना प्रदर्शन शुरु होने के लगभग आधा समय बीत जाने के बाद धरना स्थल पर अनुमंडल पदाधिकारी और मुख्यालय डीएसपी दोनों दल बल के साथ आए और अनुमंडल पदाधिकारी अपनी बातों से मुकरते हुए बोले कि आप लोगों को धरना देने का आदेश नहीं है।आप लोग तुरंत धरना को खत्म कीजिए।प्रदेश प्रभारी के मुताबिक फिर वह लोग उनकी बातों को मानकर धरना खत्म कर दिए।फिर भी एफआईआर दर्ज क्यों और किसके इशारे पर किया गया!उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आवेदन देने के उपरांत आखिर प्रशासन द्वारा क्यों नहीं आवेदक को उनके संपर्क नंबर पर सूचित किया गया!क्यों नहीं पत्राचार के माध्यम से आवेदक को सूचित किया गया!आखिर आधा समय का प्रदर्शन समाप्त होने के बाद क्यों सकते में आई प्रशासन!क्या कोई प्रशासनिक या सत्ता पक्ष के दबाव के कारण ऐसा करने को प्रशासनिक पदाधिकारी मजबूर हुए!इसका भी जवाब देना होगा।सत्ता दल के नेताओं द्वारा कार्यक्रम किया जाता है,तो उस कार्यक्रम को क्यों नहीं रोका जाता है!विपक्ष के नेताओं द्वारा गरीब- शोषितों व पीड़ितों की आवाज उठाने पर एफआईआर दर्ज करने का खेला नहीं चलेगा।

                                            खगड़िया के पूर्व नगर सभापति मनोहर कुमार यादव ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि अंग्रेजी हुकूमत वह लोग नहीं चलने देंगे।उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिला प्रशासन कान खोल करकर सुन ले कि बिहार सरकार और खगड़िया जिला प्रशासन कोविड-19 को हथकंडा बनाकर अघोषित आपातकाल की स्थिति नहीं पैदा कर सकती।यदि प्रयास किया जाएगा,तो वह लोग मजबूती के साथ विरोध करेंगे।जिला प्रशासन और बिहार सरकार यह नहीं सोचे, कि हम से बड़ा कोई नहीं है वह लोग भी कल कोर्ट जाएंगे और अनुमंडल पदाधिकारी के साथ-साथ अंचलाधिकारी के खिलाफ नालसी वाद दायर करेंगे।

                                     जाप जिला अध्यक्ष कृष्णानंद यादव ने कहा कि सरकार की खामियां उजागर करने वाले नेताओं के विरुद्ध सत्ता दल के इशारे पर जिला प्रशासन कार्रवाई करना बंद करे। सत्ता दल के इशारे पर आंदोलन के माध्यम से सरकार की खामियां उजागर करने वाले नेताओं का मुंह बंद करने की कोशिश न करे जिला प्रशासन।आंदोलन को दबाने के लिए तरह-तरह का षडयंत्र रच कर एफआईआर दर्ज कर रही है सरकार।उन्होंने यह भी कहा कि एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद भी वह लोग चुप बैठने वाले नहीं हैं।उन्होंने कहा कि वह लोग कानून को हाथ में लेकर आंदोलन नहीं कर रहे थे। कोरोना गाईड लाइन का पालन करते हुए सभी क्रांतिकारी साथियों द्वारा मास्क लगा कर धरना दिया जा रहा था।श्री यादव ने कहा कि सरकारी गाइडलाइन के अनुसार होटल,खेल मैदान, जिम,पार्क सभी प्रकार के कार्यालय आदि खुल गए।इसी को देखते हुए हमारे छात्र नेता ने अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन दिया था।धरना की अनुमति के लिए रिसीविंग देते हुए कहा भी गया था कि कोरोना गाईड लाइन का पालन करते हुए धरना दीजियेगा।फिर अचानक आकर धरना को रोकना और दो दिन बाद एफआईआर दर्ज करना आखिर कहां का न्याय है!जिलाध्यक्ष ने कहा कि कोरोना गाइडलाइन के नाम पर सरकारी दल के इशारे पर हमारी आवाज को दबाया जा रहा है।

                                 उन्होंने यह भी कहा कि बनारस में प्रधानमंत्री का कार्यक्रम हुआ,तो क्यों नही प्रधानमंत्री के विरुद्ध एफआई आर दर्ज किया गया!उन्होंने पत्रकारों के सामने पूरी बात रखते हुए कहा कि खगड़िया में प्रदेश कार्य समिति की बैठक हुई थी।जिसमें मुख्य रुप से बिहार सरकार के मंत्री और विधान परिषद के दो सदस्यों ने भीड़ जुटाकर कार्यक्रम किया।आखिर क्यों नहीं उन सभी के विरुद्ध दर्ज किया गया जिला पदाधिकारी महोदय!

                                      प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रुप से पूर्व जिला परिषद सदस्य अजीत सरकार,युवा शक्ति के जिलाध्यक्ष चंदन सिंह,युवा शक्ति के प्रदेश सचिव आशुतोष यादव,जन अधिकार छात्र परिषद के जिलाध्यक्ष रौशन कुमार,मनीष कुमार आदि उपस्थित थे।