खगड़िया
एसडीओ साहब!मैंने कुछ नहीं लिखा है,लेकिन आपके परिसर से शराब कारोबार का मामला क्यों आया सामने!बावजूद इसके आप कैसा कर रहे हैं गुस्से से प्यार!!
राजेश सिन्हा की रिपोर्ट पूर्ण शराबबंदी के बाद भी बिहार में शराब का कारोबार कब तक हंसता-खेलता रहेगा!यह तो शासक-प्रशासक ही जानें।लेकिन 'तेवरी' हो चुके खगड़िया के पुलिस कप्तान अमितेश कुमार के दिशा-निर्देश पर अधिसंख्य थानेदार मुहिम में लगे हैं और रोज-ब-रोज शराबियों के साथ-साथ शराब कारोबारियों की गिरफ्तारियां भी हो रही है।अन्य मामलों को दरकिनार कर अगर मैं कहूं,तो


पूर्ण शराबबंदी के बाद भी बिहार में शराब का कारोबार कब तक हंसता-खेलता रहेगा!यह तो शासक-प्रशासक ही जानें।लेकिन 'तेवरी' हो चुके खगड़िया के पुलिस कप्तान अमितेश कुमार के दिशा-निर्देश पर अधिसंख्य थानेदार मुहिम में लगे हैं और रोज-ब-रोज शराबियों के साथ-साथ शराब कारोबारियों की गिरफ्तारियां भी हो रही है।अन्य मामलों को दरकिनार कर अगर मैं कहूं,तो दोस्त की बात अक्षरश: 'कहने को तो दुकान ग्राहकों को मोबाइल, डेकोरेशन और गिफ्ट संबंधित सुविधाएं प्रदान करने को थी. लेकिन मल्टीफारियस सुविधा प्रदान करने वाली यह दुकान शराब के शौकिनों को शराब भी मुहैया करा रही थी.'इस बात का खुलासा मंगलवार को पुलिस के द्वारा की गई कार्रवाई के बाद हुआ.
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