राजेश सिन्हा की रिपोर्ट पूर्ण शराबबंदी के बाद भी बिहार में शराब का कारोबार कब तक हंसता-खेलता रहेगा!यह तो शासक-प्रशासक ही जानें।लेकिन 'तेवरी' हो चुके खगड़िया के पुलिस कप्तान अमितेश कुमार के दिशा-निर्देश पर अधिसंख्य थानेदार मुहिम में लगे हैं और रोज-ब-रोज शराबियों के साथ-साथ शराब कारोबारियों की गिरफ्तारियां भी हो रही है।अन्य मामलों को दरकिनार कर अगर मैं कहूं,तो दोस्त की बात अक्षरश: 'कहने को तो दुकान ग्राहकों को मोबाइल, डेकोरेशन और गिफ्ट संबंधित सुविधाएं प्रदान करने को थी. लेकिन मल्टीफारियस सुविधा प्रदान करने वाली यह दुकान शराब के शौकिनों को शराब भी मुहैया करा रही थी.'इस बात का खुलासा मंगलवार को पुलिस के द्वारा की गई कार्रवाई के बाद हुआ. 

मामला जिले के चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र के गोशाला रोड स्थित एक दुकान का है।जहां मोबाइल, डेकोरेशन और गिफ्ट की दुकान के आड़ में शराब का अवैध धंधा भी चल रहा था।इस बात की गुप्त सूचना मिलते ही चित्रगुप्तनगर थाना व उत्पाद विभाग की पुलिस दुकान में छापेमारी करने पहुंची।लेकिन उससे पूर्व ही पुलिस की कार्रवाई की भनक दुकान संचालक को लग गई और वो दुकान को बंद कर फरार हो गया। जिसके उपरांत मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई और फिर उनकी मौजूदगी में बंद पड़े दुकान का ताला तोड़ दुकान में सर्च अभियान चलाया गया।

 

मौके से पुलिस ने विभिन्न एमएल पैक के कुल 16 कार्टन विदेशी शराब बरामद किया।जिसमें से कुछ कार्टन दुकान के काउंटर के पास ही पड़े मिले।जबकि कुछ कार्टन को दुकान के बड़े फ्रिज में छुपाकर रखा गया था। मिली जानकारी के अनुसार विदेशी शराब की कुल 320 बोतलें बरामद की गई है. बहरहाल पुलिस के द्वारा दुकान को सील कर दिया गया है और मामले में अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है. उधर छापेमारी के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी और मुख्य मार्ग पर शराब के अवैध कारोबार को लेकर चर्चाएं गर्म रही।' बहरहाल,आप गौशाला परिवार के एसडीओ हैं सर्वेसर्वा हैं,बावजूद इसके जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं आप!!