राजेश सिन्हा की रिपोर्ट

 

   

                                 

  त्याग के प्रतिमूर्ति कहे जाने वाले युवा शक्ति के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड की धरती पर जिन सत्कार्यों के लिए जन अधिकार युवा परिषद के जिला अध्यक्ष अभय कुमार गुड्डू एवं उनके भाई संनी कुमार की प्रशंसा हो रही है,वह कार्य सभी संतानों को बखूबी करना चाहिए।सभी पुत्र-पुत्रियों के लिए माता-पिता भगवान हैं। इसलिए सभी को माता-पिता की पूजा अवश्य करनी चाहिए ।श्री त्यागी खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड स्थित ग्राम पंचायत राज खुटिया के पूर्व मुखिया सह हीरोज क्लब के संस्थापक पूर्व मुखिया स्वर्गीय विजय कुमार यादव की 14 वीं पुण्यतिथि पर एकत्रित हुए लोगों को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि, स्वर्गीय विजय कुमार यादव एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय किरण देवी के स्मारक का अनावरण कर वह लोग धन्य हो गए हैं।मौके पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता शिक्षाविद् राम विनय यादव ने की,जबकि मंच संचालक की भूमिका जाप के जिला अध्यक्ष कृष्णानंद यादव अदा कर रहे थे। शिक्षाविद राम विनय यादव ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि,स्वर्गीय विजय यादव ना तो धनवान थे और ना ही बल से बलवान।जाहिर तौर पर पूंजीपतियों के खानदान से,तो वह थे ही नहीं।बावजूद इसके, यदि उनके पास सबसे बड़ी ताकत थी,तो वह था उनका साहस।अपनी अदम्य साहस के कारण है ही वह धनवान, बलवान और चरित्रवान थे।मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित युवा शक्ति के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि, जन अधिकार युवा परिषद के जिला अध्यक्ष अभय कुमार गुड्डू एवं उनके भाई संनी कुमार ने अपने माता-पिता को देवी देवता के रुप में मान कर समाज के युवाओं को बड़ी सीख दी है।माता-पिता के स्मारक का अपने घर में अनावरण कर अभय कुमार गुड्डू और उनके भाई संनी कुमार युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं।उन्होंने कहा कि,एक तरफ आज के युवा अपने माता पिता को जीते जी दरकिनार कर देते हैं,तो मरने के बाद कौन याद करता है!उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि,जो अपने माता-पिता का सम्मान करता है,वही दूसरों का भी सम्मान करेगा।इतना ही नहीं,अपने माता-पिता का सदैव सेवा करता आ रहा शख्स ही समाज का सच्चा सेवक कहलाता है।पूर्व जिप अध्यक्ष प्रतिनिधि सुशांत यादव ने कहा कि,जब बेटा बाप से बड़ा कार्य करता है,तो बाप को गर्व होता है।वही कार्य स्वर्गीय विजय कुमार यादव के सुपुत्र अभय कुमार गुड्डू ने किया है।उन्होंने कहा कि, मृत्यु भोज समाज के लिए कोढ़ है।इसे समाप्त किए बगैर शिक्षित समाज का निर्माण असंभव है।उन्होंने संकल्प लिया कि,स्वर्गीय विजय यादव एवं स्वर्गीय किरण देवी के श्रद्धांजलि स्वरुप आज से मृत्यु भोज नहीं खाएंगे।मुखिया कृष्णानंद यादव ने विजय यादव दंपत्ति के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, हर पिता का सपना होता है बेटा उनके अधूरे कार्यों को पूरा करें,जिसे अभय कुमार गुड्डू ने पूरा करने का भरसक प्रयास किया है और कर भी रहे हैं।गुड्डू ने नशा मुक्ति व मृत्युभोज जैसी कुरीतियों के।खिलाफ अभियान चलाया है, जो काबीले तारीफ़ है।अपने व्यवहार से समाज के आइकॉन बने अभय कुमार गुड्डू ने कई मामलों में समाज को सर्वोत्तम सीख दी है। उन्होंने मृत्युभोज का पूरी तरह से बहिष्कार करते हुए कहा है कि,मृत्यु भोज हर हालत में बंद होनी चाहिए।चर्चित इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार, प्रफुल्ल चंद्र घोष,अवध बिहारी संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य डॉक्टर उमेश प्रसाद सिंह,मानसी प्रखंड के पूर्व प्रमुख बलवीर चांद,भाजपा नेता सुनील कुमार,पूर्व मुखिया प्रमोद कुमार सिंह,बिंदेश्वरी प्रसाद वर्मा,एडवोकेट अजिताभ सिंहा,नरेश प्रसाद यादव,जिप सदस्य प्रतिनिधि सुनील चौरसिया,मुखिया अनिल साह,डॉक्टर आलम राही, आशुतोष यादव,वीरेंद्र सिंह कुशवाहा,अमित कुमार मंटू ने भी दिवंगत दंपत्ति को माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि, वास्तव में जिस घर में मां-पिता की पूजा देवी-देवता के रुप में होगी,वह परिवार कभी दु:खी नहीं रह सकता है।उन्होंने कहा कि,जब तक हम लोग धरती पर हैं,दिवंगत दंपत्ति के परिवारजनों के प्रति सहयोग समर्पण एवं आशीर्वाद का भाव रखना उन लोगों की प्राथमिकताओं में शामिल है।पप्पू यादव,पप्पू देव,सुनील कुमार सिंह,नवीन पासवान,निरंजन पासवान, अर्जुन साह,अमीर पासवान, अमित भास्कर,हीरालाल यादव,शंकर कुमार सिंह, नंदकिशोर सिंह,भूषण यादव, रामदेव यादव,पूर्व फौजी मनोज कुमार,सतीश सिंह, गुड्डू सिंह,भविष्य सिंह, धर्मेंद्र यादव,रतन कुमार,दयानंद यादव,रिकेश यादव,संजीत चौधरी,सतीश यादव,धीरज कुमार,राजेश यादव,राजेश कुमार बबलू,साकेत कुमार बबलू,अमरेश कुमार,नीतीश कुमार,अशोक पंत,गौरव यादव,जवाहर यादव, कविरंजन यादव सहित सैकड़ों लोगों ने पूर्व मुखिया विजय कुमार यादव एवं उनकी धर्मपत्नी किरण देवी के स्मारक पर पुष्पांजलि कर श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित किया।