खगड़िया(गौरव सिन्हा)।

कचहरी रोड स्थित जिला जनता दल यूनाइटेड के कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई।जिला अध्यक्ष बबलू कुमार मंडल की अध्यक्षता में सर्व प्रथम उपस्थित जदयू के नेताओं के द्वारा उन दो महान विभूतियों के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए नमन किया गया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में जिला अध्यक्ष बबलू कुमार मंडल ने कहा कि, गांधी जी ने सत्य अहिंसा के पथ पर चलकर ब्रिटिश हुकूमत को झुकने पर मजबूर कर दिया था।स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी अदभूत नेतृत्व क्षमता के बल पर अग्रणी भूमिका निभाने वाले बापू सत्य,अहिंसा,सहिष्णुता, त्याग,संयम व सादगी प्रतिमूर्ति थे।वे बगैर हथियारों के भी अपने अधिकारों की लड़ाई कैसे जीती जाएगी, उसके लिए एक मिसाल छोड़ गये।उनके ग्राम स्वराज, स्वच्छता,शराबबंदी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के साथ महिलाओं का विकास व सम्मान, स्वदेशी अपनाओ व पंचायती राज व्यवस्था जैसे सपने आज देश के सर्वमान्य नेता लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में साकार हो रहा है। श्री मंडल ने कहा कि, शास्त्री जी ने जय जवान-जय किसान का नारा देकर जहां देश में सैन्य शक्तियों का मनोबल बढ़ाया,वहीं बेहतर खाद्य उत्पादन व दुग्ध उत्पादन के लिए हरित क्रांति एवं श्वेत क्रांति में अहम योगदान भी दिया।गांधी जी और शास्त्री जी देश के लिए बलिदान देने और सच्ची देश भक्ति के लिए सदैव स्मरणीय रहेंगे।एक आदर्श समाज और विकसित राष्ट्र के लिए इन दो महान विभूतियों के पदचिन्हों पर चलने की जरुरत है ।यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जिला उपाध्यक्ष चन्दन कुमारी,प्रवक्ता अरविन्द मोहन तथा आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने कहा कि, देश और समाज हित में गांधी तथा शास्त्री जी के अपर्यतिम कृत शौर्यगाथा सदैव प्रासंगिक रहेंगे। श्री शास्त्री ने उनके अनुशासित एवं संयमित जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन दोनों महान विभूति देश और मानव समाज के लिए परोपकारी कार्य को लेकर जाने जाते तो रहेंगे ही,अपना सादगीपूर्ण जीवन मातृभूमि के लिए जो न्यौछावर कर गये हैं,वह अनुकरणीय है। इस अवसर पर जदयू के जिला सचिव अनुज शर्मा, युवा जदयू के नेता किरणदेव कुमार करण, कुलदीप सिंह पटेल, वीरेन्द्र पासवान एवं राजीव कुमार ठाकुर आदि दर्जनों पार्टी के साथी उपस्थित थे।