खगड़िया
*कोशी-बागमती सहित अन्य नदियों की तरेरती आंखों ने किसानों को दहलाया,क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से नाराज किसान विधायकों का करेंगे घेराव*
राजेश सिन्हा की रिपोर्ट कोशी,गंगा,बागमती के साथ -साथ गंडक की तरेरती आंखें खगड़िया जिले के विभिन्न इलाकों के लोगों में दहशत पैदा करती रही है।जिले के विभिन्न इलाकों में बाढ़ की विनाशलीला देख चुके लोगों में दहशत का माहौल तो रहा ही है,लगभग प्रत्येक वर्ष विभिन्न नदियों के कटाव ने सैकड़ों परिवार को बेघर भी कर रखा है।हजारों एकड़ जमीन कटाव के कारण नदियों के गर्भ में


कोशी,गंगा,बागमती के साथ -साथ गंडक की तरेरती आंखें खगड़िया जिले के विभिन्न इलाकों के लोगों में दहशत पैदा करती रही है।जिले के विभिन्न इलाकों में बाढ़ की विनाशलीला देख चुके लोगों में दहशत का माहौल तो रहा ही है,लगभग प्रत्येक वर्ष विभिन्न नदियों के कटाव ने सैकड़ों परिवार को बेघर भी कर रखा है।हजारों एकड़ जमीन कटाव के कारण नदियों के गर्भ में समा चुकी है।बावजूद इसके चुनाव के समय मदद का आश्वासन देने वाले नेताओं के कलेजे पर सांप तक नहीं लोट रहा है विभागीय स्तर से कटाव निरोधात्मक कार्य कराए जाने की बात भी बेमानी साबित होती रही है। ************************************************** बार-बार मिल रही कटाव संदर्भित खबर के बाद किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा आज शुक्रवार को विभिन्न कटाव स्थल का जायजा लिया गया।कटाव स्थल का जायजा लिए जाने के बाद किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं का कहना था कि उत्तर बिहार का सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित इलाका खगड़िया है।जिले के विभिन्न इलाकों में गंगा,कोशी, बागमती व गंडक नदियों के कटाव से सैकड़ों घर तो नदी में विलीन हो ही चुके हैं,हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि भी नदी के गोद में समा रही है।लेकिन कोई क्षेत्रीय विधायक या सांसद किसानों की दर्द को सदन के पटल पर उठाने की जहमत नहीं उठा रहे हैं।बिहार किसान मंच की सात सदस्यीय टीम के द्वारा आनंद पुर मारन,कोयला,उत्तर मारड़ के मधुरा,बोरने,डुमरी,बलैठा, बसुआ आदि कटाव स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया गया है।इधर बिहार किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह टुडू ने बताया कि,खगड़िया के किसान बाढ़ और सुखाड़ दोनों की मार झेलते रहे हैं।उपर से किसानों की उपजाऊ भूमि नदी के गोद में समा रही है। ************************************************* धीरेंद्र सिंह टुड्डु ने कहा कि सरकार की कोई ऐसी पॉलिसी नहीं है,जिससे कटाव से खेत और गांव को बचाया जा सके।नतीजतन प्रभावित किसानों की जमीन धीरे-धीरे नदियों में समाती जा रही है और भूखमरी के कगार पर पहुंचते जा रहे हैं।थक हारकर पलायन करना किसानों की मजबूरी हो गई है।उन्होंने कहा कि सरकार को एक नीति बना कर कटाव पीड़ित किसानों को भरण पोषण के लिए तत्कालिक तौर पर दीर्घ कालिक कदम उठाना चाहिए।प्रभावित किसानों को अनुग्रह राशि देनी चाहिए।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि विधायक व सांसद को भी इसके लिए सदन में आवाज उठाने की आवश्यकता है।श्री टुड्डू के मुताबिक खगड़िया जिले में जल जमाव से मुक्ति के लिए KB तटबंध के सूरज नगर, G N तटबंध के माधवपुर में स्लूइस बनाने की आवश्यकता है।
इसको लेकर क्षेत्रीय विधायक सरकार के समक्ष मांग रखें।आक्रोशित लहजे में श्री टुडू ने कहा कि, बिहार किसान मंच द्वारा इन तमाम मुद्दों को लेकर खगड़िया जिले के चारों विधायकों का घेराव किया जाएगा और भूमि कटाव,जल जमाव आदि सवालों को लेकर बेनकाब किया जाएगा।सूर्य नारायण वर्मा,अनिल कुमार यादव,अशोक कुमार यादव,मोहम्मद मुश्लिम, मोशदुल्ला,देवानंद सिंह कुशवाहा,मो. जावेद मुखिया, नागेश्वर चौरसिया आदि ने भी कटाव की स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए स्थानीय सांसद व विधायक की आलोचना की। ***************************************************
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