संवाददाता

खगड़िया।ग्राम कचहरी का आयोजन कर पंचायत के लोगों को न्याय दिलाने वाले ग्राम कचहरी के न्यायाधीश माने जाने वाले पंच-सरपंच आखिर कब तक न्याय की भीख मांगते रहेंगे और उनके साथ अन्याय का सिलसिला अनवरत चलता रहेगा!उक्त बातें बिहार प्रदेश पंच सरपंच संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सह जिला अध्यक्ष किरण देव यादव ने कही।उन्होंने कहा कि,बीते महीने सरपंच संघ के द्वारा चरणबद्ध आंदोलन करने के बावजूद भी पंच सरपंच को न्याय नहीं मिल सका।जिलाधिकारी के साथ-साथ पंचायती राज पदाधिकारी एवं बीडीओ से मिलकर प्रतिनिधिमंडल ने मांग पत्र सौंपा सौंपा।बावजूद इसके दशहरा बिना लंबित वेतन के भुगतान का गुजरा।आज दीपोत्सव भी पंच सरपंचों का अंधेरे में गुजरेगा।यही स्थिति रही,तो छठ पर्व में भी पंच सरपंच वेतन के लिए लालायित रह जाएंगे।

उन्होंने कहा कि,बीते दो वर्षों का लंबित वेतन भत्ता पंच सरपंचों को नहीं मिल पाया है।यह पंच सरपंचों के साथ घोर अन्याय तो है ही, चिंतनीय,निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण भी है।श्री यादव ने कहा कि,पूरे बिहार में कुछेक पंचायत,प्रखंड व जिला छोड़कर 90 प्रतिशत जिले के पंच सरपंच वेतन भत्ता से वंचित हैं।स्थिति यह है कि लगभग 60% पंच सरपंच भूखमरी के कगार पर हैं। सवाल यह उठता है कि, दीपावली के बाद छठ पर्व आखिर कैसे मनाएंगे।पंच सरपंच का वेतन भत्ता लंबित रहने से उन लोगों के लिए पर्व फीका ही रहेगा।श्री यादव ने कहा कि,पंच सरपंच की तकलीफों को देखकर भी सरकार एवं प्रशासन का कलेजा नहीं पसीज रहा है।

राज्य भर के बीडीओ और नाजिर की लापरवाही के कारण पंच सरपंच का ही वेतन भत्ता लंबित रहना आश्चर्य का विषय है।श्री यादव कहते हैं कि,जबकि पंच को महज 500 रुपये,उपसरपंच को 1250 रुपये तथा सरपंच को 2500 रुपये मासिक भत्ता मिलता है।अगर वह भी समय पर नसीब नहीं हो,तो फिर क्या कहना!उन्होंने कहा कि,पंच सरपंच का दूसरा सत्र चल रहा है।सैकड़ों पंचायत, नगर पंचायत में तब्दील हो चुका है।अगर जल्द ही भुगतान नहीं होगा,तो आगे कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।श्री यादव ने कहा कि, लोकप्रिय अंगिका गायक सुनील छैला बिहारी की गीत "घर में नै छै राशन हो नीतीश जी, केना चलतो तोर सुशासन हो नीतीश जी" को गुनगुनाते हुए कहा कि,यह गीत सटीक बैठ रही है।श्री यादव ने जिलाधिकारी डॉक्टर आलोक रंजन घोष,उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव,मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा पंचायती राज मंत्री मुरारी गौतम से पंच सरपंचों का लंबित वेतन भत्ता जल्द भुगतान करने की मांग की है।