एसडीएफ न्यूज ब्यूरो, खगड़िया
नगर परिषद खगड़िया की सभापति श्रीमती अर्चना कुमारी ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में नगर परिषद क्षेत्र से जुड़ी ज्वलंत जनसमस्याओं को पूरी मजबूती के साथ उठाया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, अतिक्रमण, भेंडिंग जोन, आरटीपीएस सेवा तथा थाना स्तर पर जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, जिनका अपेक्षित समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सभापति ने बैठक में बताया कि कोठिया, रांको सहित अन्य स्थानों पर स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण लोगों को छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी सदर अस्पताल का रुख करना पड़ता है। इस संबंध में सिविल सर्जन को पत्राचार किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने सदर अस्पताल के मुख्य गेट के अंदर और बाहर सड़क पर लंबे समय से बने जलजमाव को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि इससे मरीजों, उनके परिजनों और आम लोगों को आवागमन में भारी कठिनाई होती है। उन्होंने इस समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की।
शिक्षा के मुद्दे पर सभापति ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र के कई मध्य विद्यालयों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। सन्हौली स्थित जर्जर विद्यालय में ताला लगने के कारण छात्रों को दो किलोमीटर दूर दूसरे विद्यालय में पढ़ने जाना पड़ रहा है। अधिकांश विद्यालयों में शुद्ध पेयजल, शौचालय, चारदीवारी और गेट जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शिक्षा विभाग सहयोग करे तो नगर परिषद की ओर से शहरी विद्यालयों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
अतिक्रमण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए सभापति ने कहा कि सरकारी भूमि, भवन, आंगनबाड़ी केंद्र तथा सार्वजनिक उपयोग के गड्ढों पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है। अंचल अधिकारी को कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने नगर परिषद क्षेत्र की सभी सरकारी संपत्तियों को चिन्हित कर अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।
भेंडिंग जोन के विषय में उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में निर्गत एनओसी के आधार पर टेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई थी, लेकिन चिन्हित भूमि विवादित होने के कारण आज तक कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। उन्होंने अंचल अधिकारी को निर्देश जारी कर भेंडिंग जोन हेतु विवाद-मुक्त भूमि चिन्हित कराने की मांग की।
नल-जल योजना को लेकर सभापति ने कहा कि नगर परिषद में जोड़ी गई नई पंचायतों में यह योजना अभी भी पीएचईडी विभाग के अधीन संचालित हो रही है, जहां लगातार गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन त्वरित समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने योजना की निगरानी एवं संचालन नगर परिषद को सौंपने की मांग रखी।
इसके साथ ही उन्होंने नगर परिषद कार्यालय में आरटीपीएस काउंटर की स्थापना की आवश्यकता बताई, ताकि नागरिकों को जाति, आय, आवासीय, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, पेंशन एवं राशन कार्ड जैसे कार्यों के लिए प्रखंड और अंचल कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। थाना स्तर पर जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार का मुद्दा उठाते हुए सभापति ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सम्मान नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
इससे आम जनता की समस्याओं के समाधान में बाधा उत्पन्न होती है और पुलिस-पब्लिक संबंध भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने सभी थानों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश देने की मांग की।
अंत में सभापति श्रीमती अर्चना कुमारी ने जिला प्रशासन से सभी मुद्दों पर शीघ्र, ठोस एवं सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया, ताकि नगर परिषद खगड़िया के नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें और जनविश्वास मजबूत हो।
खगड़िया
दिशा की बैठक में गूंजी नगर की आवाज: नगर सभापति अर्चना कुमारी ने स्वास्थ्य, शिक्षा, जलजमाव, अतिक्रमण, भेंडिंग जोन और जनप्रतिनिधियों के सम्मान का मुद्दा मजबूती से उठाया
एसडीएफ न्यूज ब्यूरो, खगड़िया नगर परिषद खगड़िया की सभापति श्रीमती अर्चना कुमारी ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में नगर परिषद क्षेत्र से जुड़ी ज्वलंत जनसमस्याओं को पूरी मजबूती के साथ उठाया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, अतिक्रमण, भेंडिंग जोन, आरटीपीएस सेवा तथा थाना स्तर पर जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार से जुड़ी समस्याएं लंबे


एसडीएफ न्यूज ब्यूरो, खगड़िया
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