खगड़िया
रानीसकरपुरा में कभी भी हो सकती है हिंसक झड़प, रास्ते के विवाद को ले दो पक्षों के बीच तनाव गहराया,पुलिस सुस्त*
प्रवीण कुमार प्रियांशु खगड़िया प्रखंड अंतर्गत रानीसकरपुरा पंचायत के वार्ड नंबर-06 में रास्ते का विवाद धीरे-धीरे गहराने लगा है।बात बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच जाती है।पीड़ित पक्ष के घर को उजाड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले में पुलिस के द्वारा अगर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई,तो किसी भी समय हिंसक घटनाएं घटित हो सकती है।हालां


खगड़िया प्रखंड अंतर्गत रानीसकरपुरा पंचायत के वार्ड नंबर-06 में रास्ते का विवाद धीरे-धीरे गहराने लगा है।बात बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच जाती है।पीड़ित पक्ष के घर को उजाड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले में पुलिस के द्वारा अगर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई,तो किसी भी समय हिंसक घटनाएं घटित हो सकती है।हालांकि इस संदर्भ में पुलिस को लिखित जानकारी दिए जाने के बाद भी पुलिसिया कार्रवाई की बात तो दूर, पुलिस ने विवादित स्थल का मुआयना करना भी अभी तक मुनासिब नहीं समझा है।वार्ड-06 रविन्द्र सहनी का कहना है कि उनका घर बस्ती के अंदर पड़ता है और आने-जाने का एक मात्र रास्ता एक गली ही है।गली जिस जमीन पर है,उसमें आधी जमीन सरकारी है जबकि आधी जमीन उनकी है।लेकिन रामफल पासवान के पुत्र राजू पासवान,गंगो पासवान तथा राजू पासवान के पुत्र चंदन पासवान के द्वारा रास्ते को जबरन इसलिए बंद कर दिया गया है,क्योंकि गांव में उनलोगों की संख्या अधिक है और दबंगई करना उनलोगों की आदत है।रविन्द्र सहनी के मुताबिक रास्ता बंद नहीं करने को ले उनलोगों द्वारा काफी आरजू विनती की गई,लेकिन दबंगई दिखाते हुए रास्ते को खोलने से इंकार कर दिया गया।उनलोगों के द्वारा शांति पूर्वक विवाद सुलझाने के लिए ग्रामीण स्तर पर पंचों का भी सहारा लिया गया फिर भी नामितों द्वारा पंचों की बातों को मानने से इंकार कर दिया गया।रविन्द्र सहनी का कहना उनके घर आने-जाने वाले एक मात्र रास्ते को बंद कर दिए जाने के कारण उनलोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि खगड़िया जिले के विभिन्न हिस्सों में जातीय समीकरण को तरजीह देते हुए अक्सर विवाद किया जाता रहा है।खासकर जमीनी विवाद को लेकर लड़ाई-झगड़े होते रहना तो आम बात हो गई है। यहां तक कि भूमि विवाद को ले हत्या तक की घटना को अंजाम दे दिया जाता है।इधर रविन्द्र सहनी की पत्नी सुनीता देवी द्वारा गंगौर ओपी प्रभारी को दिए गए लिखित आवेदन में कई गंभीर आरोप लगाते हुए उचित कारवाई की मांग की गई है।अब देखने वाली बात यह होगी कि स्थानीय पुलिस और अंचलाधिकारी के द्वारा मामले की जांच करते हुए इस रास्ते के विवाद को अविलंब सुलझाया जाता है अथवा विवाद को यूं ही सुलगने के लिए छोड़ दिया जाता है!
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