खगड़िया | 19 जुलाई: ग्राम पंचायत राज काशीमपुर के पूर्व मुखिया और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता रामबालक प्रसाद सिंह का शनिवार को उनके पैतृक निवास पर आकस्मिक निधन हो गया। उनके असामयिक निधन से न केवल काशीमपुर पंचायत क्षेत्र में, बल्कि पूरे जदयू संगठन में शोक की लहर फैल गई है।
श्री सिंह लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे और जदयू की विचारधारा के एक मजबूत स्तंभ माने जाते थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पंचायत में विकास की अनेक योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू कर क्षेत्र को नई दिशा दी।
जदयू के जिलाध्यक्ष बबलू कुमार मंडल ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "रामबालक बाबू एक समर्पित नेता ही नहीं, बल्कि एक सच्चे समाजसेवी और मार्गदर्शक भी थे। उनका निधन समाज और पार्टी दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने जीवन का हर क्षण जनसेवा को समर्पित किया।"
उन्होंने सिंह के आवास पर पहुँचकर पार्थिव शरीर का दर्शन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही परिजनों से मिलकर दुख की इस घड़ी में हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
जदयू प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने कहा,"रामबालक बाबू एक मृदुभाषी, मिलनसार और दूरदर्शी व्यक्तित्व के धनी थे। उनका जीवन, समाज के प्रति निस्वार्थ समर्पण का प्रतीक था।"
इस दुखद अवसर पर जदयू के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी शोक व्यक्त किया, जिनमें अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज कुमार पटेल, महासचिव उमेश सिंह पटेल, युवा जिलाध्यक्ष सावन कुमार बंटी, पूर्व मुखिया संघ अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह, जदयू नेता सुनील कुमार सिंह, तकनीकी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष विनय सिंह रोशन, एससी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष चन्देश्वरी राम, राजीव रंजन, फिरदोस आलम, रामप्रकाश सिंह, राजनीति प्रसाद सिंह, कमल कुमार पटेल, अंगद कुमार, कमल किशोर पटेल, नीतीश कुमार पटेल आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
रामबालक प्रसाद सिंह का राजनीतिक और सामाजिक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बना रहेगा। उनका जाना एक युग का अंत है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।








पाठकों की बातचीत
खबर पर अपनी राय साझा करें और दूसरे पाठकों से जुड़ें।
इस खबर पर पहली राय आप साझा करें।
अपनी टिप्पणी लिखें
ईमेल सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। टिप्पणी समीक्षा के बाद प्रकाशित होगी।