राजेश सिन्हा

कोरोना पीड़ित की मौत होने के बाद उनके आश्रित को आपदा विभाग के द्वारा तत्काल चार लाख रुपये मुआवजा दिए जाने के सरकारी घोषणा पश्चात भी खगड़िया में कोरोना के कारण मौत के आगोश में समा चुके लोगों के आश्रितों को ससमय मुआवजा आखिर क्यों नहीं मिल पा रहा है,यह तो जांच का विषय है।लेकिन भारतीय जनता पार्टी ओ.बी.सी मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता सह क्षेत्रीय प्रभारी संजय खण्डेलिया ने जिलाधिकारी डॉक्टर आलोक रंजन घोष को आवेदन देकर जो कुछ कहा है,वह चिंतनीय विषय है।श्री खण्डेलिया ने डीएम के नाम प्रेषित आवेदन में कहा है कि सरकार ने निर्णय लिया है,कि कोरोना पीड़ित की मृत्यु होने पर उनके आश्रित को चार लाख (4 लाख ) रुपये की राशि आपदा प्रबंधन विभाग से मिलनी है।लेकिन खगड़िया में सरकारी घोषणा का पालन आपदा विभाग के द्वारा नहीं किया जा रहा है।उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी के दूसरे चऱण के दौरान खगड़िया जिले में कोरोना पीड़ित मृतकों की संख्या सरकारी आंकड़ों के अनुसार तकरीबन तीस है।जिससे शायद आप भी अवगत होंगे।*************************************************** श्री खण्डेलिया के मुताबिक इससे अधिक संख्या वैसे मृतकों की है,जो निजी अस्पतालों में खगड़िया या अन्यत्र इलाज करा रहे थे।बावजूद इसके यह दुखद और अफसोसजनक है कि आपके जैसे संवेदनशील पदाधिकारी के मार्गदर्शन के बाद भी आपदा प्रबंधन विभाग इस योजना की विस्तृत जानकारी, आवेदन देने की प्रक्रिया तथा आवश्यक कागजातों की सूची के बारे में आम लोगों तक जानकारी पहुंचाने में विफल रहा है।नतीजतन दुष्प्रभाव यह है,कि खगड़िया जिले में कोरोना के कारण मौत के शिकार हुए लोगों के आश्रितों द्वारा अनुग्रह राशि के बाबत आवेदन भी नहीं किया जा सका है।उन्होंने कहा है कि जहां तक मेरे संज्ञान में है कि कोरोना की इस दूसरी लहर में एक भी पीड़ित परिवार को अभी तक अनुग्रह राशि नहीं मिल पाई है।श्री खण्डेलिया ने डीएम से कहा है कि उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में आग्रह है कि सक्षम प्राधिकार को निर्देशित किया जाए,कि अनुग्रह राशि को प्राप्त करने को ले विहित प्रक्रिया व आवश्यक दस्तावेज के संबंध में प्रचार-प्रसार कर आम लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए और एक सिंगल विंडो व्यवस्था सुनिश्चित की जाए,जहां से मृतक के आश्रितों को आसान प्रक्रिया के तहत सरकार द्वारा मिलने वाली अनुग्रह राशि का लाभ तत्काल प्राप्त हो सके।बहरहाल,देखना दिलचस्प होगा कि खगड़िया के उर्जवान जिलाधिकारी इस मसले का त्वरित हल कब तक निकालते हैं और आश्रितों के लिए कौन सा सुलभ राह निकलता है!! ****************************************************