खगड़िया
खगड़िया के पुलिस कप्तान अमितेश कुमार ने आखिर क्यों कहा कि पुलिस का बहुमूल्य समय नष्ट करने वालों का यही होगा अंजाम!पढ़िए पूरी खबर।।*
राजेश सिन्हा की रिपोर्ट झूठे मामले दर्ज कराकर पुलिस को परेशान करते हुए अपना उल्लू सीधा करने की कोशिश करने वाले सावधान हो जांय,पुलिस लगभग सभी मामलों की तकनीकी आधार पर न केवल जांच कर रही है बल्कि मामला झूठा प्रमाणित होने पर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर रही है।खगड़िया जिले के पुलिस कप्तान अमितेश कुमार के दिशा-निर्देश का


झूठे मामले दर्ज कराकर पुलिस को परेशान करते हुए अपना उल्लू सीधा करने की कोशिश करने वाले सावधान हो जांय,पुलिस लगभग सभी मामलों की तकनीकी आधार पर न केवल जांच कर रही है बल्कि मामला झूठा प्रमाणित होने पर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर रही है।खगड़िया जिले के पुलिस कप्तान अमितेश कुमार के दिशा-निर्देश का अनुसंधानकर्ताओं पर खासा असर हुआ है और विभिन्न थाना की पुलिस सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई कर रही है।===================== दरअसल बीते वर्ष 2020 के 12 जुलाई को मुंगेर जिले के मुफ्फसिल थाना अंतर्गत नंदलालपुर निवासी मुकेश यादव के लगभग 21वर्षीय पुत्र दिवाना कुमार द्वारा खगड़िया जिले के अलौली थाना में लिखित आवेदन देकर चार अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।लिखित आवेदन में कहा गया था कि जब वह अपनी बाइक से अलौली थाना अंतर्गत हरिपुर-मुजौना मुख्य सड़क पर पेट्रोल पंप के समीप से गुजर रहा था,तभी चार अज्ञात अपराधियों ने हथियार के बल पर न केवल उसके पास से एल&टी कंपनी के 66 हजार नौ सौ रपये लूट लिए बल्कि बाइक की चाभी के साथ-साथ उसके पास से मोबाइल भी लेकर चलते बने।======================= पुलिस के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए कांड संख्या 200/20 दर्ज कर जब मामले का तकनीकी आधार पर अनुसंधान किया जाने लगा,तो मामला झूठा प्रमाणित होने लगा।इतना ही नहीं तथाकथित वादी द्वारा उसी मोबाइल का उपयोग किए जाने का मामला सामने आया।इस क्रम में शक के आधार पर वादी दिवाना कुमार से अनुसंधानकर्ता द्वारा जब पूछताछ की जाने लगी तो वादी दिवाना कुमार ने भी स्वीकारा कि जिस मोबाइल के लूट की बात उसने कही थी,वह मोबाइल उसके पास ही है। =================== तथाकथित वादी के पास से मोबाइल बरामद होते ही मामला आइने की तरह साफ हो गया कि फाइनेंस कम्पनी की राशि गबन करने के उद्देश्य से दिवाना कुमार ने पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई थी और पुलिस का बहुमूल्य समय नष्ट किया था।मामला झूठा प्रमाणित होते ही अनुसंधानकर्ता ने तथाकथित वादी दिवाना कुमार के विरुद्ध अपने लिखित आवेदन के आधार पर अलौली थाना में भादवि 420/406 के तहत बीते 28 जनवरी को प्राथमिकी(कांड संख्या 34/21)दर्ज कराई और तथाकथित वादी दिवाना कुमार को गिरफ्तार कर जेल की राह दिखा दी गई।इधर पुलिस कप्तान अमितेश कुमार ने कहा है कि झूठे मामले दर्ज कराकर पुलिस का बहुमूल्य समय नष्ट करने वालों का यही अंजाम होगा।बहरहाल,यह मामला खासा सुर्खियों में है और तथाकथित वादियों के बीच हड़कंप व्याप्त है।अनुसंधानकर्ता की भी तारीफ हो रही है।=======================
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