खगड़िया
वक्ताओं ने आखिर क्यों कि, सरस्वती स्वरुपा भारत की प्रथम महिला शिक्षिका ज्योति राव सावित्री बाई फुले की घर-घर होनी चाहिए पूजा!'बदलते भारत में महात्मा फुले एवं सावित्रीबाई फुले की प्
खगड़िया(गौरव सिन्हा)। 19वीं शताब्दी में जिस समय शोषित समाज को विद्या मंदिर से लेकर भगवान के मंदिर तक में प्रवेश से वर्जित रखा जाता था,छुआछूत और ऊंच-नींच चरम सीमा था।उस समय समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले ने उच्च शिक्षा ग्रहण कर अपनी पत्नी को न केवल अध्यापिका बनाया, बल्कि समाज के बच्चों को शिक्षित करने का भागीरथ प्रयास भी किया था।यह अपने आप में एक मिसाल था



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